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तीसा विद्यालय नाटक विवाद पर राजपूत महासभा की बैठक, कार्रवाई न करने की उठाई मांग

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हिमाचलः कुल्लू जिला राजपूत संघ एवं प्रदेश राजपूत महासभा के प्रदेश व्यापी आह्वान के अंतर्गत तीसा विद्यालय नाटक प्रस्तुति प्रकरण में जाति विशेष के लोगों द्वारा स्कूल प्रबंधन व अध्यापकों के विरुद्ध नाजायज कार्रवाई करने के लिए अनुचित दबाव बनाने के विरोध में कुल्लू में बैठक का आयोजन किया।

इस अवसर पर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ई.के.एस.जम्वाल, कोषाध्यक्ष नरोत्तम रावत व सेवानिवृत जिला योजना अधिकारी कुलदीप सिंह मन्हास सहित अन्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में चम्बा के तीसा के एक विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सामाजिक मेले में प्रस्तुत किए गए नाटक को लेकर उत्पन्न विवाद को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। इस दौरान एसी टू डीसी के माध्यम से सरकार को भी एक ज्ञापन भेजा गया।

प्रदेश अध्यक्ष के एस जंबाल ने सरकार व प्रशासन से अनुरोध किया कि वह इस मामले में किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई करने से परहेज करे। उन्होंने कहा कि उक्त नाट्य प्रस्तुति समाज में प्रचलित आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को दर्शाने का एक रचनात्मक प्रयास थी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त करना तथा नाटक, साहित्य और अन्य सांस्कृतिक माध्यमों से जन-जागरूकता फैलाना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है।

लेकिन इस विषय पर कुछ जाति विशेष के लोगों द्वारा जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार पर अप्रासंगिक तर्क देकर स्कूल प्रबंधन एवंम शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जोकि बहुत ही निंदनीय है और इन लोगों की जातिवादी मानसिकता के कारण समाज में आपसी द्वेष फैलाने हेतू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में अब राजपूत सभा का मत है कि विद्यार्थियों, अध्यापकों और विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न केवल अनुचित होगी बल्कि इससे शैक्षणिक और रचनात्मक वातावरण भी प्रभावित होगा।

संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भीम कटोच ने कहा कि उनका संगठन आरक्षण की आड मे सामान्य वर्ग के लोगों विशेषकर युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव और प्रताड़नाओं को लेकर समय-समय पर इस प्रकार की प्रस्तुतियों, संगोष्ठियों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के समक्ष उन मुद्दों को रखता रहा है और आगे भी जारी रखेगा। जिन्हें वह अपने अधिकारों और अवसरों से जुड़ा मानता है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य किसी वर्ग या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देना होता है।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों, अध्यापकों अथवा विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध कोई अन्यायपूर्ण कार्रवाई की जाती है। तो राजपूत संघ कुल्लु के परिवार चुप नहीं रहेंगे और प्रदेश राजपूत महासभा की अगुवाई में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहते हुए प्रदेश स्तरीय संघर्ष मैं बढ़ चढ़कर भाग लेंगे।

📍 Location: Kullu (Kullu)

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