Kullu Steps Up Anti-Drug Campaign : कुल्लू। जिले में नशे की रोकथाम और भांग-अफीम की अवैध खेती के उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय NCORD समिति की बैठक आयोजित हुई। एडीएम सुरजीत सिंह राठौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस, वन, कृषि-बागवानी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने नशा विरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा की। पुलिस ने बताया कि अवैध खेती के खिलाफ कार्रवाई जारी है और इसमें आईटीबीपी का सहयोग भी लिया जाएगा।
बैठक में 28 संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठक पुलिस की मौजूदगी में कराने, हॉटस्पॉट पर गश्त बढ़ाने और होटलों की नियमित जांच सहित कई निर्णय लिए गए। अवैध खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक फसलों की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशे की रोकथाम तथा अवैध भांग व अफीम की खेती के उन्मूलन के लिए एक प्रभावी एवं बहु-विभागीय रणनीति के अंतर्गत कार्य करना था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि गत बैठक में लिए गये निर्णय को अमली जामा पहनाते हुए पुलिस वन विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीमों द्वारा जिला में नशे की गैर कानूनी खेती के उन्मूलन का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि अब इसमें आईटीबीपी का सहयोग भी लिया जाएगा।
एडीएम ने निर्देश दिए कि नशा विरोधी अभियानों को सुचारू बनाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए।बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों तथा उन पर की गई अनुपालना की समीक्षा की गई। एडीएम ने संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक गति दी जाए तथा युवाओं को खेल, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने कृषि एवं बागवानी विभाग को नशे की अवैध खेती से सम्बंधित क्षेत्रों में लाभकारी वैकल्पिक नगदी फसलों एवं पौधों को उगाए जाने की संभावनाओं पर कार्य करने के निदेश दिए।
बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, विभिन्न विभागों के मध्य सूचना साझाकरण को मजबूत करने तथा जन-जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं तथा जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक जागरूकता एवं रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी बैठकों में एसएसबी और आईटीबीपी के कमांडिंग अधिकारियों को भी विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि सुरक्षा बलों का सहयोग सुनिश्चित हो सके।
जिले में भांग व अफीम के पौधों को नष्ट करने के लिए रासायनिक ‘वीडिसाइड’ के पायलट स्तर पर इस्तेमाल हेतु कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा द्वारा विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। वन विभाग को अपने क्षेत्रों में भूमि के उपयोग पर निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में राजस्व विभाग के पास लंबित भूमि सीमांकन के 23 आवेदनों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए गए। नशे के प्रसार को रोकने के लिए जिले की 28 चिन्हित संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठक अनिवार्य रूप से पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...