हिमाचल डेस्कः प्रदेश की लारजी जलविद्युत परियोजना के जलाशय में बरसात से पहले फ्लशिंग 28 जून से शुरू होने जा रही है। इसको लेकर बांध में जमा गाद को निकालने का यह कार्य 28 जून को सुबह 6 बजे से 29 जून सुबह 6 बजे तक लगातार चलेगा। इस दौरान लारजी बांध के सभी गेट खोल दिए जाएंगे, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ेगा।
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बिजली उत्पादन रहेगा पूरी तरह ठप
जानकारी के अनुसार जलाशय से लगभग 2 हजार क्यूमेक्स पानी ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा। इस फ्लशिंग प्रक्रिया के कारण लाजरी पावर स्टेशन में बिजली का उत्पादन पूरी तरह से ठप रहेगा।
जलस्तर बढ़ने को लेकर प्रसासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लारजी बांध से लेकर पंडोह बांध तक ब्यास नदी के नीचे इलाकों में रहने वालों लोगों, राहगीरों और पर्यटकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ प्रशासन ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे नदी के किनारों के समीप न जाएं और अपने मवेशियों को भी नदी की तरफ न भेजें।
जागरूक करने के लिए बजाए जाएंगे सायरन
प्रशासन ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए सायरन बजाए जाएंगे और साथ-साथ प्रचार वाहनों के जरिए लगातार मुनादी भी की जा रही है।
2014 में हुआ था दर्दनाक हादसा
बता दें 2014 में थलौट में लारजी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण दर्दनाक हादसा हुआ था। बांध से पानी छोड़ने के कारण अचानक नदी में पानी का प्रवाह बढ़ गया था और कॉलेज स्टूडेंट को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाया था। हादसे में एक अन्य व्यक्ति सहित 24 छात्रों की मौत हो गई थी।
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