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पिछले वर्ष 8.23 लाख सैलानियों ने कांगड़ा घाटी की वादियों को करीब से निहारा

धर्मशाला : कांगड़ा जिला की पर्यटन नगरी धर्मशाला मैकलोडगंज सहित जिला के अन्य टूरिस्ट प्वाइंट पर पिछले साल लाखों की तादाद में पहुंचे सैलानियों ने कांगड़ा घाटी के वादियों को करीब से निहारा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पर्यटन का वर्ष 2025 में जिले ने देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है। पूरे वर्ष में कांगड़ा में 7,96,537 भारतीय और 27,966 विदेशी पर्यटक आए। यह आंकड़ा जिले के पर्यटन क्षेत्र में निरंतर विकास और लोकप्रियता को दशार्ता है। आंकड़ों की बात करें तो जनवरी में पर्यटन की शुरूआत औसत रही, जिसमें 54,260 भारतीय और 777 विदेशी पर्यटक कांगड़ा पहुंचे।

फरवरी में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या क्रमश: 45,233 और 1,173 रही। मार्च में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिसमें 89,633 भारतीय और 3,932 विदेशी पर्यटक जिले का भ्रमण करने पहुंचे। अप्रैल में भी पर्यटन की संख्या अधिक रही, जिसमें 88,967 भारतीय और 2,662 विदेशी पर्यटक शामिल थे। मई में 64,842 भारतीय और 1,750 विदेशी पर्यटकों ने कांगड़ा के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों का आनंद लिया। गर्मी के महीनों में जून में पर्यटन का रुझान चरम पर पहुंचा। इस महीने में जिले में 1,15,901 भारतीय और 1,808 विदेशी पर्यटक आए।

जुलाई और अगस्त में क्रमश: 55,797 और 37,889 भारतीय तथा 1,779 और 1,049 विदेशी पर्यटकों ने जिले का दौरा किया। सितंबर में पर्यटक संख्या थोड़ी कम रही, जिसमें 32,747 भारतीय और 3,481 विदेशी पर्यटक शामिल थे। पर्यटन में अक्टूबर और नवंबर में फिर से वृद्धि देखने को मिली। अक्टूबर में 57,585 भारतीय और 4,338 विदेशी, जबकि नवंबर में 61,489 भारतीय और 5,217 विदेशी पर्यटकों ने कांगड़ा की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया।

दिसंबर में 92,194 भारतीय पर्यटक जिले में आए, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या शून्य रही। विशेषज्ञों का मानना है कि कांगड़ा जिले की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों की सांस्कृतिक महत्ता और पहाड़ी वातावरण देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का मुख्य कारण हैं। जिले में पर्यटन के बढ़ते रुझान ने न केवल स्थानीय व्यवसाय और होटलों को लाभ पहुँचाया है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में भी वृद्धि की है।

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