
Lays Foundation Stone for High-Altitude Research Centre : शिमला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के केलांग में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उच्च पर्वतीय चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी। इस केंद्र में कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और बदलती जलवायु परिस्थितियों का मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार करेगा तथा हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और अधिक ऊंचाई पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों की विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड, बदलती जलवायु परिस्थितियों और जनजातीय समुदायों की विशिष्ट जीवनशैली के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने के लिए समर्पित वैज्ञानिक अनुसंधान अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रीय चुनौतियों का व्यवस्थित अध्ययन करके स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की पहचान, उपयुक्त चिकित्सा उपायों का विकास तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने और प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना दूरदराज के हिमालयी और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान पर आधारित स्वास्थ्य उपाय स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों के कल्याण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आईसीएमआर, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं और एम्स बिलासपुर मिलकर करेंगे अनुसंधान नड्डा ने इस अनुसंधान केंद्र की स्थापना में आईसीएमआर और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के बीच सहयोग की सराहना की। उन्होंने एम्स बिलासपुर के योगदान का भी उल्लेख किया, जो उच्च पर्वतीय परिस्थितियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के अध्ययन में भागीदारी करेगा।
उन्होंने कहा कि इस संयुक्त प्रयास से वैज्ञानिक विशेषज्ञता और चिकित्सकीय अनुभव को एक मंच पर लाया जाएगा। इससे ऊंचाई से संबंधित स्वास्थ्य चुनौतियों की बेहतर समझ विकसित होगी तथा वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार पद्धतियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केंद्र जनजातीय समुदायों तथा अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। यहां होने वाले अनुसंधान से निवारक एवं स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी रणनीतियां विकसित की जा सकेंगी।
नड्डा ने कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन विकसित करने में आईसीएमआर की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वैज्ञानिक उपलब्धि ने भारत के साथ-साथ विश्व के अन्य देशों को भी महामारी से लड़ने में सहायता प्रदान की। ### अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चिकित्सा समाधान विकसित करने में मिलेगी सहायता : संजय सेठ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने केलांग में उच्च पर्वतीय अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए आईसीएमआर और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के पास अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव है।