शिमला/ रोहड़ू: नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जिला पुलिस शिमला ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो आदतन तस्करों को प्रिवेंटिव डिटेंशन में लेकर तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई समाज को नशे के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखने और तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है। डीएसपी रोहड़ू से जानकारी के मुताबिक आरोपी गगन भूषण, निवासी बेजोरी तहसील रोहड़ू और नरेंद्र कुमार उर्फ नंदु निवासी हाटकोटी तहसील जुब्बल लंबे समय से चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए जा रहे थे।
दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं और बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद वे नशीले पदाथोर्ं की अवैध तस्करी में सक्रिय थे। इसी कारण उनके खिलाफ मादक द्रव्यों और मन:प्रभावी पदाथोर्ं के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटी-एनडीपीएस) के तहत निवारक नजरबंदी की कार्रवाई की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गगन भूषण चार मामलों में पहले गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2019: थाना जुब्बल में 3.25 ग्राम चिट्टा बरामदगी।
वर्ष 2022 : थाना रोहड़ू में 51.33 ग्राम चिट्टा बरामदगी। वर्ष 2022: थाना रोहड़ू में 118.97 ग्राम चिट्टा बरामदगी। वर्ष 2023: थाना रोहड़ू में 2.10 ग्राम चिट्टा व 113.78 ग्राम चरस बरामदगी। इसी प्रकार नरेंद्र कुमार भी चार मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2023: थाना जुब्बल में 1.62 ग्राम चिट्टा बरामदगी। वर्ष 2023: थाना रोहड़ू में 7.34 ग्राम चिट्टा बरामदगी। वर्ष 2024: थाना कोटखाई में 468.380 ग्राम चिट्टा बरामदगी। वर्ष 2024: थाना देहा में 10.23 ग्राम चिट्टा बरामदगी।
पुलिस के अनुसार अंशुल बुगवान (सीमा रोहड़ू) और नरेंद्र कुमार (हाटकोटी जुब्बल) को भी इसी अधिनियम के तहत तीन माह के लिए नजरबंद किया गया है। क्षेत्र में अब तक तीन नशा तस्करों को पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 3-3 माह के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन में भेजा जा चुका है। पुलिस ने दोहराया कि नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और युवाओं को नशे के जाल से बचाने तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने कहा कि इस तरह की निवारक कार्रवाई का उद्देश्य तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना है।
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