हिमाचल डेस्कः पर्यटन नगरी मनाली की ऊझी घाटी के 9 गांवों में 14 जनवरी से 42 दिनों तक किसी भी प्रकार का मनोरंजन नहीं होगा। घाटी के लोग देव आदेश के पालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ऐतिहासिक गांव गोशाल सहित इन गांवों में टीवी, रेडियो समेत मनोरंजन के सभी साधनों को देव आदेश के तहत बंद रखा जाएगा।
ऊझी घाटी के 9 गांव 14 जनवरी से 42 दिनों के लिए देव आदेश में बंध जाएंगे। इस दौरान घाटी में स्थित होटलों में भी डीजे नहीं बजेगा। इन गांवों के लोग अपने आराध्य देव गौतम-व्यास ऋषि और नाग देवता के आदेश का पालन करेंगे। गोशाल गांव के ऐतिहासिक मंदिर की सभी घंटियां बंद रहेंगी और मंदिर के कपाट भी इस अवधि में बंद कर दिए जाएंगे।
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सदियों से निभाई जा रही परंपरा
मान्यता है कि 14 जनवरी से आराध्य देव तपस्या में लीन हो जाते हैं। देवताओं को शांत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण न तो रेडियो और टीवी चलाएंगे और न ही खेतों की ओर रुख करेंगे। गोशाल गांव सहित कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ और मझाच गांवों के लोग सदियों से इस देव प्रतिबंध का पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ पालन करते आ रहे हैं। व्यापक प्रतिबंध के तहत गोशाल गांव के ग्रामीण रेडियो-टीवी का प्रयोग नहीं करेंगे, जबकि अन्य गांवों के लोग खेतों में कार्य नहीं करेंगे।
ग्रामीणों की राय
ग्रामीण मेहर चंद ठाकुर, कृष्णा ठाकुर और वेद राम ठाकुर का कहना है कि ऊझी घाटी के नौ गांवों के लोग 14 जनवरी से देव प्रतिबंध में बंध जाएंगे और 42 दिनों तक देव आज्ञा का पालन करेंगे।
देवताओं के लौटने पर होगा उत्सव
देवताओं के स्वर्ग प्रवास से लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और आराध्य देवों के सम्मान में उत्सव का आयोजन होगा। मान्यता है कि देवता लौटकर आने वाले वर्ष में होने वाली घटनाओं के बारे में भविष्यवाणी भी करेंगे। देवता के कारकून विधिपूर्वक सभी देव कार्य संपन्न करेंगे।
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