Site icon Dainik Savera Times

बर्फ में जंग: 11 किलोमीटर पालकी में उठा कर मरीज को पहुंचाया अस्पताल

हिमाचल डेस्क: भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बंद होने से एक व्यक्ति की मौत के बाद भी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की नींद नहीं खुली। राहत कार्यों में हो रही देरी का आलम यह है कि मरीजों को पालकी में उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। सराज क्षेत्र की 9 पंचायतों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग ने मशीनें तो तैनात की हैं, लेकिन उनके खराब होने की बात कही जा रही है। इसी कारण वीरवार को घाट पंचायत के बुजुर्ग शिवराम को पालकी में बैठाकर करीब 11 किलोमीटर पैदल सफर कर अस्पताल पहुंचाया गया।

स्थानीय लोगों संजय कुमार, देशराज, ध्यान सिंह और तारा चंद ने बताया कि घाट, खलवाहण, बूग जहलगाड़, खौली, खूहण, खणी, सोमगाड़ सहित कई पंचायतों में हिमपात के बाद से सड़कें पूरी तरह बंद हैं। उन्होंने बताया कि घाट पंचायत के गांव घुलाई निवासी शिवराम पिछले कुछ दिनों से बीमार थे, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण परिजन उन्हें अस्पताल नहीं ले जा पा रहे थे।

ये भी देखें :-

11 किलोमीटर पैदल सफर
दो दिन पहले शिवराम की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने परिजनों से 21 किलोमीटर दूर गाड़ागुसैणी अस्पताल ले जाने की जिद्द की। इसके बाद स्थानीय युवाओं ने पालकी तैयार की और डेढ़ से दो फीट बर्फ के बीच पहाड़ी रास्तों से 11 किलोमीटर पैदल चलकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

क्षेत्र में 27 सड़कें बंद: समाजसेवी
समाजसेवी महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग प्रभावित लोगों की मजबूरी को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में करीब 27 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नितिश ने बताया कि मार्ग बहाली के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण दिक्कतें आईं। अब दूसरी मशीन तैनात की गई है और वीरवार को चार किलोमीटर सड़क बहाल कर दी गई है।

जयराम ठाकुर का सरकार पर हमला
सराज विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमपात के 10 दिन बाद भी सड़कों का बहाल न होना सरकार के “व्यवस्था परिवर्तन” के दावों की पोल खोलता है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। सरकार को चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा मशीनें तैनात करे, ताकि बंद सड़कों के कारण किसी की जान न जाए।

ये भी पढ़ें :-

Exit mobile version