उन्होंने कार्यक्रम के 25संस्करण पूरे होने पर क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई दी औरविद्यार्थियों में जागरूकता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देनेके लिए इस पहल की सराहना की। कार्यक्रममें शिमला और आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों के 400 से अधिकविद्यार्थियों के साथ लगभग 150 शिक्षक, अभिभावक तथा रोटरी क्लब के सदस्य शामिलहुए।
इस अवसर पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं, जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों तथानशे के दुरुपयोग की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्नप्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया। राज्यपालने प्रतिभागी विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि‘मंथन’ के माध्यम से उठाए जा रहे विषय समाज के समक्ष मौजूद महत्वपूर्ण चुनौतियों में शामिल हैं और इनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों केभविष्य पर भी पड़ेगा।
कविन्द्रगुप्ता ने प्रदेश की संवेदनशील पारिस्थितिकी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचलप्रदेश के वन, जल स्रोत, नदियां, ग्लेशियर, पर्वत और जैव विविधता केवल प्राकृतिकसंपदा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी अमूल्य विरासत भी हैं।उन्होंनेविकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुएविद्यार्थियों और युवाओं से जल संरक्षण, वनों की सुरक्षा, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली कोअपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
राज्यपालने कहा कि नशे का दुरुपयोग केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्किइसका दुष्प्रभाव परिवार, समाज और देश की युवा शक्ति पर भी पड़ता है, इसलिएनशे के खिलाफ लड़ाई में परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, समाज, स्वैच्छिकसंगठनों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।राज्यपालने भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘नशामुक्तहिमाचल’ की परिकल्पना को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए सामूहिक प्रयास किए जानेचाहिए।
राज्यपालने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे को ना कहना केवल अपने जीवनकी रक्षा करना नहीं है, बल्कि अपने परिवार और समाज के भविष्य को सुरक्षितकरना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिनाइयों का सामना कर रहे अपने मित्रों का उपहास करने के बजाय उनका सहयोग करने तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध करवाने का आह्वान किया।राज्यपालने विद्यार्थियों से सामाजिक बुराइयों से दूर रहने, जिम्मेदार नागरिक बनने तथा एक सशक्त, संवेदनशील, स्वच्छ और विकसित हिमाचल प्रदेश एवं भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

