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‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से नए युग की शुरुआत: हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं से देश के लिए कुछ करने का किया आह्वान

शिमला: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह के आगाज को नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में जिस गीत ने देशवासियों में मातृभूमि के प्रति समर्पण और बलिदान की भावना पैदा की, उसे फिर से जन-जन तक पहुंचाना गौरव का विषय है।

राज्यपाल ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के लिए लोगों ने बलिदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद ‘वंदे मातरम्’ को पाठ्यक्रम और रोजमर्रा की जिंदगी से दूर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस गीत को पुनः प्रतिष्ठित किया जा रहा है।

गुप्ता ने कहा कि देशवासियों को ‘वंदे मातरम्’ के अर्थ को समझने और इसे जानने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के पाठ्यक्रम और प्रार्थना सभाओं में भी इसे प्रमुखता दी जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों में मातृभूमि के प्रति गौरव और समर्पण की भावना मजबूत हो।

खेलों में युवाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक करोड़ युवाओं को एआई की ट्रेनिंग देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत आज आर्थिक, रक्षा और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी तरह खेलों के क्षेत्र में भी देश को अग्रणी बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया जाना चाहिए। भारत 2037 के ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और देश खेलों में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। खेलों को बढ़ावा देने से युवा स्वस्थ रहेंगे और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे।

नक्सलवाद पर सरकार के प्रयासों की सराहना
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है और पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में इसका प्रभाव समाप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी हालात में बड़ा बदलाव आया है। अब वहां पत्थरबाजी और पाकिस्तान समर्थित गतिविधियों में कमी आई है तथा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों और जनता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘अर्बन नक्सल’ जैसी गतिविधियां भी चिंता का विषय हैं। जो लोग देश को कमजोर करने और भारत के टुकड़े करने की बात करते हैं, जनता को उन्हें पहचानना होगा। उन्होंने कहा कि देशविरोधी गतिविधियों के पीछे खड़े लोगों को भी समाज को पहचानने और उनसे दूरी बनाने की जरूरत है।

आजादी पर देश के लिए कुछ करने का संकल्प लें
राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों से आह्वान किया कि भारत ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब प्रत्येक नागरिक को देश के लिए कुछ करने का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने कहा, “देश हमें सब कुछ देता है, हमें भी देश को कुछ देना सीखना होगा।” उन्होंने नागरिकों से तिरंगे के सम्मान और देश की प्रगति के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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