शिमला: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को शिमला में किसान और बागवान बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे। उपायुक्त कार्यालय के बाहर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली।
ट्रंप और मोदी का पुतला फूंककर जताया विरोध
हिमाचल किसान सभा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला भी जलाया गया।
FTA को कृषि के लिए बताया बड़ा खतरा
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता लागू होता है तो इसका सबसे अधिक असर भारतीय कृषि और बागवानी पर पड़ेगा। उनका कहना था कि विकसित देशों में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान सीमित संसाधनों के साथ खेती करते हैं। ऐसे में विदेशी कृषि उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करना किसानों के लिए मुश्किल हो जाएगा।
सेब आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
प्रदर्शन के दौरान वर्ष 1990 के सेब आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए एक मिनट का मौन रखा गया। किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश के बागवानों और किसानों ने अपने अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष किया है और भविष्य में भी अपने हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि किसानों से किए गए कई वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और अन्य नीतियों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि किसी भी व्यापारिक समझौते से पहले किसानों और कृषि विशेषज्ञों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए।
📍 Location: शिमला (शिमला)

