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देवदार के पेड़ों को बचाने के लिए जंगलों में टीम के साथ उतरे मेयर सुरेंद्र चौहान

शिमला (गजेंद्र) :अपने काम के लिए सुर्खियों में बने रहने वाले नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान एक बार फिर खबरों में हैं। मेयर सुरेंद्र चौहान ने शिमला के जंगलों में लगे देवदार के पेड़ों से जंगली बेल हटाने का अभियान शुरू किया है।शनिवार को अपनी टीम के साथ सुरेंद्र चौहान कनलोग के जंगलों में पहुचे, जहां पेड़ों के साथ लगी बेलों को हटाने का अभियान चलाया। देवदार के पेड़ में लगी जंगली बेल से पेड़ को खासा नुकसान होता है। इसकी वजह से पेड़ की ग्रोथ पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में पेड़ से जंगली बेल को हटाकर पेड़ का जीवन बचाने का बीड़ा मेयर सुरेंद्र चौहान ने उठाया है। इसके लिए नगर निगम शिमला ने चार विशेष टीमों का गठन किया गया है। इस विशेष अभियान के लिए वन विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है।

नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शिमला शहर में आठ सौ हेक्टेयर जमीन पर जंगल है और देवदार शिमला की शान है जो ऑक्सीजन देने का काम करता है लेकिन पेड़ों के साथ लिपटी बेले इनकों काफी नुक्सान पहुचा रही है। नगर निगम की ओर से देवदार के पेड़ों से बेलों को हटाने का विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए स्थानीय लोगों का सहयोग ले रहे हैं।

मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि देवदार के पेड़ों को जंगली बेलों की वजह से बहुत ज्यादा नुकसान होता हैं। 10 साल पहले भी उन्होंने इस तरह का अभियान शुरू किया था। अब नगर-निगम शिमला के मेयर बनने के बाद में एक बार फिर इस अभियान को शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह काम वन विभाग का है, लेकिन वे चाहते हैं कि स्थानीय लोगों के सहयोग से इस काम को किया जाए। उन्होंने कहा कि बेल को हटाने का काम बहुत बड़ा है। ऐसे में इसका टेंडर किया जाना जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए प्रस्ताव तैयार करेंगे। प्रस्ताव मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेजा जाएगा।

इससे पहले 14 अगस्त की सुबह हुई भारी तबाही के बाद कनलोग इलाके में कई सड़के बंद हो गई थी। इसके बाद मेयर सुरेंद्र चौहान खुद मौके पर पहुंचकर मलबा हटाते हुए भी नजर आए थे। इसी जगह पर मेयर ने नेशनल हाईवे के किनारे बैठकर दफ्तर की जरूरी फाइलें भी निपटाई थी। आपदा के दौरान ग्राउंड जीरो पर उनका काम लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। इसके बाद 22 अक्टूबर को मयूर सुरेंद्र चौहान छोटा शिमला इलाके में नगर निगम शिमला की रेलिंग को भी पेंट करते हुए दिखाई दिए थे। अपने नए अभियान के चलते अब वे एक बार फिर मेयर सुर्खियों में नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके इस काम की तारीफ हो रही है।

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