कार्यक्रम में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ व्यवहार के महत्व से परिचित करवाना रहा। कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोविज्ञान क्षेत्र के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और विभिन्न कक्षाओं के लिए आयु एवं आवश्यकताओं के अनुरूप अलग-अलग जागरूकता सत्र आयोजित किए।
इस अवसर पर डॉ. बी. एस. चौहान, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनीता शर्मा, Atkos Enterprise Pvt. Ltd. के निदेशक एवं संस्थापक कुबेर सोक्टा, Atkos Enterprise एवं Holistic Health Cure की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. भावना सोक्टा तथा Holistic Health Cure की चिकित्सक डॉ. दीक्षा सोनी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने परीक्षा के तनाव, भावनात्मक चुनौतियों, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, आपसी सहयोग और भावनाओं को उचित तरीके से व्यक्त करने के महत्व पर जानकारी दी।
विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समय अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करने तथा जरूरत पड़ने पर उचित मार्गदर्शन लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित लघु नाटिका रही। इसके माध्यम से तनाव, सहानुभूति, भावनात्मक संवेदनशीलता और मित्रों के प्रति सहयोग का संदेश दिया गया।
अंत में विद्यालय की उप-प्राचार्या पूनम खेदड़ ने विशेषज्ञों, अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

