शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून के अंतिम चरण में हुई भारी बारिश के कारण लाहौल-स्पीति और किन्नौर समेत कई इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बतायाइस बार मॉनसून में राज्य में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र की स्थिति कमजोर हो रही है और मतदाता अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेगी ने कहा कि आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी ने चुनाव आयोग को कमजोर करने और अपने पसंदीदा अधिकारियों की नियुक्ति के लिए कानूनों में बदलाव किया है। पिछले 12 वर्षों में चुनाव आयोग के कमिश्नर बीजेपी के इशारे और एजेंडे पर काम करते रहे हैं। उन्होंने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों लोगों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। लोगों के पास वोट देने का एक मात्र अधिकार है जिसकी भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से चोरी कर रही है।मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि इस बार मॉनसून की अंतिम दौर में बारिश से नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए धर्मशाला और मनाली जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं।केंद्र की टीमें भी आकर अपने स्तर पर चेकिंग कर रही हैं। मौसम की मार से इस बार हिमाचल में सेब की फसल में भारी गिरावट आई है। अभी तक करीब 1.14 करोड़ सेब की पेटियां बाजार में पहुंची हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक लगभग 1.76 करोड़ पेटियां मंडियों में आ चुकी थीं।
सरकार मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत भी इस बार खरीद पर मूल्य बढ़ाने जा रही है जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में ले जाया जाएगा ताकि बागवानों को कुछ राहत मिल सके।नेगी ने कहा कि पिछले साल करीब तीन से साढ़े तीन करोड़ पेटियों की बंपर फसल हुई थी, जो कई वर्षों में सबसे अधिक थी। इस बार उत्पादन काफी कम है और सीजन समाप्त होने तक करीब दो करोड़ पेटियां पहुंचेंगी या नहीं, यह अभी कहना मुश्किल है।
किन्नौर कांग्रेस में चल रहा सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की ओर से अनुशासनहीनता को लेकर दिए गए बयान पर हिमाचल सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अनुशासन केवल उनके ऊपर लागू नहीं होता, बल्कि जो लोग बयान दे रहे हैं, उन पर भी पार्टी का अनुशासन लागू होना चाहिए।जगत नेगी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में अपनी बात पार्टी फोरम में रखी है और संबंधित नेताओं के सामने भी अपनी बात रखी है।
उनका कहना था कि जब पार्टी फोरम की बातें बाहर आ रही हैं और उनसे बाहर सवाल पूछे जाते हैं, तो उन्हें भी उसका जवाब देना पड़ता है।नेगी ने राहुल गांधी के “स्लीपर सेल” संबंधी बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ऐसे लोगों को हटाने की जरूरत है, जो पार्टी के हित में काम नहीं कर रहे। “जो जयचंद हैं, भगोड़े हैं, उनसे पार्टी नहीं बनेगी। उन्होंने कांग्रेस के संविधान और पार्टी के आदर्शों के अनुरूप संगठन को आगे बढ़ाने की बात कही।
कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र है। कई बार अंत तक भी मंत्री पद खाली रह जाता है। फिर अगर मंत्रिमंडल विस्तार करना है तो समय रहते होना चाहिए।
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