हिमाचल डेस्क: शिमला के व्यस्त लोअर बाजार क्षेत्र में अवैध तहबाजारी और फुटपाथ पर फैलते व्यापार को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि आज नगर निगम की विशेष टीम ने इलाके में निरीक्षण अभियान चलाते हुए सात तहबाजारियों का सामान जब्त किया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कई दुकानदार और फेरीवाले अपनी सीमाओं से बाहर सड़कों तक सामान सजाए बैठे थे, जिससे आम जनता को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही थी।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों को पहले ही नियमों का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी जा चुकी थी। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क पर सामान फैलाने या बिना अनुमति कारोबार करने वालों पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जब्त किया गया सामान जुर्माना अदा करने के बाद ही दुकानदारों को वापस मिलेगा।
नियमों की अनदेखी कर रहे दुकानदार
नगर निगम की इस मुहिम के बावजूद कई दुकानदार खुलेआम कोर्ट के आदेशों और निगम की चेतावनियों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वे न केवल फुटपाथ पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि अवैध तरीके से दुकानों का सामान बाहर रखकर सार्वजनिक रास्तों को बाधित कर रहे हैं। इससे पैदल चलने वालों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिना लाइसेंस के कारोबार पर सख्ती
नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एम.सी. शिमला द्वारा समय-समय पर लोअर बाजार, मॉल रोड, आई.जी.एम.सी., संजौली और ढली जैसे क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के कारोबार करता पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने बताया कि यह अभियान हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है ताकि शहर की व्यवस्था और सफाई बनी रहे तथा आम जनता को राहत मिल सके।