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लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिश हुई, जनता ने दिया जवाब : नरेश चौहान

शिमला। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को सफल बताते हुए कहा कि रैली में लोगों का भारी उत्साह और जबरदस्त समर्थन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिशें की गई हैं, लेकिन देश की जनता अब इन प्रयासों के खिलाफ आवाज उठा रही है। राहुल गांधी लगातार जिन मुद्दों को उठा रहे थे, वे अब सच साबित हो रहे हैं।

नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए गए। केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को अपने साथ चलाकर डराने-धमकाने का काम किया गया। चुनावों में एसआईआर के माध्यम से वोट चोरी के आरोप सामने आए हैं और इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली की रैली में पहुंचे। देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं, जिनका कांग्रेस विरोध कर रही है।

बीजेपी की पदयात्रा पर भी हमला

बीजेपी की पदयात्रा को लेकर नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस के प्रदर्शन को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए अब सरकार की ओर से ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि लोग एकजुट न हो पाएं। अपने कार्यकर्ताओं को झंडे देकर समानांतर कार्यक्रम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता का मन कुछ और है। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता फैलाने का काम बीजेपी कर रही है और जनता अब सब समझ चुकी है।

असम के मुख्यमंत्री के दौरे पर उठाए सवाल

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हिमाचल दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर उनका हिमाचल में स्वागत है, लेकिन उन्होंने अपने दौरे के दौरान लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब लोगों का मूड बदल चुका है और हिमाचल में उनका मॉडल नहीं चलने वाला। चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा को हिमाचल आने के बजाय अपने पड़ोसी राज्य मणिपुर जाना चाहिए था, जहां हालात गंभीर हैं। वे अरुणाचल प्रदेश जाते तो भी बेहतर रहता।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में बीजेपी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए दूसरे राज्यों के नेताओं को यहां लाया जा रहा है। चौहान ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सर्वे करवा चुके हैं और उन्हें पता है कि हिमाचल में बीजेपी की सरकार बनने वाली नहीं है।

1500 करोड़ रुपये को लेकर केंद्र से मांगा जवाब

नरेश चौहान ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के लंबित 1500 करोड़ रुपये को लेकर भी जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि मोदी सरकार प्रदेश को मिलने वाली 1500 करोड़ रुपये की राशि कब जारी करेगी? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हिमाचल के आर्थिक हितों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और प्रदेश की लंबित राशि जल्द जारी करनी चाहिए। 

📍 Location: शिमला (शिमला)

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