
कुल्लू: जिला के मुख्यालय सुल्तानपुर में नवरात्रों के नवमी के अवसर पर भगवान रघुनाथ के आभूषणों को साफ करने की पुरानी परंपरा निभाई गई। यह परंपरा सुल्तानपुर में रहने वाले सुनार परिवारों के द्वारा निभाई गई। जो दशकों से इस परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं।
दशहरा उत्सव से एक दिन पहले यह परंपरा निभाई जाती है और भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा में प्रयोग किए जाने वाले सोने, चांदी के आभूषण, चांदी बर्तन व अन्य वस्तुओं की सफाई का कार्य पूरा किया जाता है। सुनार परिवार के सदस्य इस परंपरा को निभाने के लिए रघुनाथ मंदिर पहुंचे और भूखे पेट उन्होंने यह इस परंपरा का निर्वाह किया तथा उसके बाद भगवान रघुनाथ का भी आशीर्वाद ग्रहण किया।

इस परंपरा का निर्वाह करने पहुंचे संजीव वर्मा ने बताया कि उनके पूर्वज दशकों से इस काम को करते आ रहे हैं। ऐसे में वह सभी परिवार मिलकर हर बार नवमी के दिन तथा भगवान रघुनाथ के मंदिर पहुंचने हैं और इस परंपरा को निभाते हैं।

वही, अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि वह उनके पूर्वज दशकों पहले यहां पर बसे थे और उनके परिवार के द्वारा ही पहले से यह कार्य किया जाता है। यह कार्य निस्वार्थ भाव से किया जाता है और आज भी सभी परिवार मिलकर इस परंपरा को पूरा करते हैं।

भगवान रघुनाथ के पुजारी दिनेश किशोर ने बताया कि नवमी के दिन हर साल यह परंपरा निभाई जाती है। सुनार परिवार के सभी सदस्य भूखे पेट इस काम को पूरा करते हैं और उसके बाद उन्हें भगवान रघुनाथ का प्रसाद भी दिया जाता है। ऐसे में इस साल भी यह परंपरा निभाई गई और बुधवार को भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा ढालपुर मैदान में आयोजित की जाएगी।
📍 Location: Kullu (Kullu)
मेष: दिन शुभ रहेगा...