Last Updated: November 5, 2026

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अंतराष्ट्रीय लवी मेले में किन्नौर के रीबा कांडे में तैयार किया आर्गेनिक सेब, स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद

November 28, 2024

अंतराष्ट्रीय लवी मेले में किन्नौर के रीबा कांडे में तैयार किया आर्गेनिक सेब, स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद

रामपुर बुशहर (मीनाक्षी): किन्नौर जिले के रीबा पंचायत के कांडे  में उगाए गए आर्गेनिक सेब की विशेष पहचान बना चुका है। इस क्षेत्र का सेब न केवल अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसे आर्गेनिक तरीके से उगाया जाता है, जिससे यह सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। अंतराष्ट्रीय लवी मेले में रीबा से आए व्यापारी श्याम लाल नेगी ने बताया कि इस बार उन्होंने कांडे में आर्गेनिक तरीके से तैयार किया सेब मेले में बेचने के लिए लाया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में इस सेब को पेड़ से तोड़कर लाया गया है। यह सेब जुसी व मिट्ठा रहता है।

उन्होंने बताया कि कांडे  में सेब की पैदावार के लिए बागवान  प्राकृतिक और आर्गेनिक विधियों का पालन करते हैं। यहां की मिट्टी और जलवायु सेब की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है। इस क्षेत्र में उगाए जाने वाले सेब की विशेषता यह है कि उन्हें किसी भी रासायनिक खाद या कीटनाशकों का उपयोग किए बिना उगाया जाता है। इसके बजाय, किसान प्राकृतिक खादों और जैविक तरीकों का उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि यह सेब अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में 12 से 16 सो रूपए तक गिफ्ट पैक बीक रहा है। उन्होंने बताया कि सेब के बागों की अच्छी पैदावार के लिए किसान मिट्टी की तैयारी पर ध्यान देते हैं। वे जैविक खाद का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और सेब की गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ता।

उन्होंने बताया कि कांडे गांव की जलवायु में नमी का स्तर स्वाभाविक रूप से अच्छा होता है, लेकिन फिर भी सेब के बागों में पानी की उचित व्यवस्था की जाती है। यहां पर बारीकी से जल प्रबंधन किया जाता है, ताकि सेब के पौधों को सही मात्रा में पानी मिल सके, जिससे उनका विकास सही तरीके से हो। यहां पर सिंचाई के पानी से ही खेती की जाती है और सेब भी तैयार किया जाता है। जैविक उर्वरकों का उपयोग करके, यह सुनिश्चित किया जाता है कि सेब पूरी तरह से रासायनिक प्रदूषण से मुक्त रहें और उनकी गुणवत्ता उत्तम बनी रहे।

स्वास्थ्य के लिए लाभदायक-

वही जानकारी देते हुए डाक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि आर्गेनिक तरीके से उगाए गए सेब का स्वास्थ्य पर गहरा सकारात्मक असर होता है। इनसेब में रासायनिक तत्वों की कमी होती है, जो उन्हें स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद बनाता है। कांडे का सेब विटामिन सी, फाइबर, और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। यह शरीर को ताजगी प्रदान करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

इसके साथ साथ सेब में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे मधुमेह के मरीजों के लिए यह एक सुरक्षित और लाभकारी आहार है। उन्होंने बताया कि सेब के सेवन से हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार हो सकता है। इसमें पोटैशियम और फाइबर जैसे तत्व होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय के रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं।

डाक्टर ने बताया कि सेब का सेवन पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और आंतों को साफ रखता है। आर्गेनिक सेब में रासायनिक तत्वों की कमी होने के कारण, यह पाचन तंत्र के लिए अधिक प्रभावी होता है।

इस प्रकार, कांडे गांव के आर्गेनिक सेब न केवल स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। इनकी खेती से पर्यावरण का भी संरक्षण होता है, क्योंकि रासायनिक खादों और कीटनाशकों का उपयोग न के बराबर होता है। इसलिए, यदि लोग स्वस्थ जीवन जीने के लिए आहार में प्राकृतिक और पौष्टिक चीजें शामिल करना चाहते हैं, तो कांडे का आर्गेनिक सेब एक बेहतरीन विकल्प है।

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