शिमला। केंद्र सरकार के Validation Act 2025 के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर राज्य एवं केंद्रीय पेंशनर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक्ट को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।
पेंशनरों का आरोप है कि मार्च 2025 में पारित किए गए Validation Act के जरिए पेंशनरों को दो वर्गों में बांटने का प्रावधान किया गया है। उनका कहना है कि 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं होगा, जबकि उन्हें केवल महंगाई राहत यानी DR का लाभ मिलेगा। वहीं, 1 जनवरी 2026 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण का प्रावधान रहेगा।

राज्य एवं केंद्रीय पेंशनर संयुक्त मोर्चा हिमाचल के महासचिव जगमोहन ठाकुर ने कहा कि पेंशनरों की मुख्य मांग पेंशन का पुनरीक्षण है। उन्होंने कहा कि 8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में पेंशन पुनरीक्षण का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिससे पुराने पेंशनरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह केवल केंद्रीय पेंशनरों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर राज्यों के पेंशनरों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि राज्य सरकारें भी केंद्र के वेतन आयोग के आधार पर वेतन और पेंशन में संशोधन करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो पेंशनर सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष जारी रखेंगे।
📍 Location: शिमला (शिमला)
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