ऊना: ऊना में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वे इन दिनों पूरे प्रदेश के भ्रमण पर हैं और जनता से भारतीय जनता पार्टी को जो भारी जनसहयोग मिल रहा है, उससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि जनता ने अब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को सत्ता से बाहर करने का पूरा मन बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार का चार वर्षों का कार्यकाल सिर्फ केंद्र सरकार को कोसने, गालियां देने और मेरी आलोचना करने में ही बीत गया है। मुख्यमंत्री इन चार सालों में चार योजनाएं तक ठीक से नहीं चला सके ताकि वे गर्व से बता सकें कि कांग्रेस सरकार ने जनता के लिए आखिर किया क्या है। आज भी हमारे समय की योजनाएं हिम केयर, सहारा और गृहणी सुविधा ही जनता की जुबां पर हैं। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इन योजनाओं की लोकप्रियता देख उल्टा उन्हें बजट देना बंद कर दिया और अपनी योजनाएं तक शुरू नहीं करवा पाए।
प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कानून-व्यवस्था की धज्जियां इस सरकार में उड़ी हैं, वैसी शायद ही किसी पूर्व सरकार में रही हों। ऊना गोलीकांड, बिलासपुर में कुल्हाड़ी कांड, शिमला में पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक बाहर दिन-दिहाड़े मर्डर और चंबा में एक युवक को मारकर बोरी में बंद करके नाले में फेंक देने जैसी खौफनाक घटनाएं आज से पहले कभी नहीं हुईं। आज पूरे प्रदेश में ‘चिट्टा’ का कहर बरप रहा है और सरकार बौखलाहट में तो है, लेकिन जमीनी कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक चमकाने के लिए केवल आयोजनों में व्यस्त है।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि आज हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है और अलग-अलग विभागों में संगठित रूप से हो रहे भ्रष्टाचार को बाकायदा संरक्षण दिया जा रहा है, जिसमें अधिकारी भी इस लूट में नेताओं के साथ पूरी तरह मिले हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में धारा-118 का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है और दलालों के माध्यम से सरकार से धड़ल्ले से स्वीकृतियां मिल रही हैं। क्रशरों का खेल पूरी तरह से नेताओं द्वारा खेला जा रहा है। कौन अनुमति दे रहा है और कौन उगाही कर रहा है, यह सब अब जनता के सामने तय है। इसके साथ ही उन्होंने पेखुबेला प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस पर भी मुख्यमंत्री बोलने से पूरी तरह बच रहे हैं, जो प्रोजेक्ट अब जमीन से भी गायब हो चुका है। एक ईमानदार चीफ इंजीनियर यहां हुए भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गया। जांच चल रही है और बड़े नाम बेनकाब होंगे और विमल नेगी को न्याय मिलकर रहेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बदले की भावना से काम करने की प्रवृति को बढ़ावा दिया है। हमारे 14 विधायक और पूर्व विधायकों के खिलाफ मामले दर्ज़ कर अधिकारियों पर दबाव बनाकर जांच की जा रही है। जांच में कुछ नहीं निकला तो दबाव बनाया जा रहा है कि मामले लंबे चलने चाहिए। ऐसी राजनैतिक बदले की भावना की परंपरा डालना उन्हें आने वाले समय में महंगा पड़ेगा। ये शुरुआत अच्छी नहीं है।
उन्होंने आरडीजी और जीएसटी ग्रांट पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आरडीजी बंद करने पर मुख्यमंत्री द्वारा झूठ फैलाया जा रहा है। ये पूरे देश में बंद हुई है। आरडीजी ग्रांट दिलाने में अगर अन्याय हुआ है तो वो ऐसे अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री के समय हुआ जब दस वर्षों तक कांग्रेस की सरकार केंद्र में रही। बाबजूद इसके इस कार्यकाल में मात्र 18300 करोड़ हिमाचल को मिला जबकि 2014 से 2024 तक देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में राज्य को 89300 करोड़ की आरडीजी मिली। उन्होंने कहा कि जीएसटी कंपनसेशन केवल पांच वर्षों के लिए था। जून 2021 तक ही हमें ग्रांट मिली। इस सरकार को इन चार वर्षों में दीर्घकालीन ब्याज रहित केंद्रीय सहायता के रूप में सर्वाधिक 7000 करोड़ की मदद मिली है जबकि हमें मात्र 1800 करोड़ ही पांच वर्षों में मिली थी।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में जो भी विकास हो रहा है वो केंद्र के बजट से हो रहा है। सड़कें केंद्र के बजट से बन रही है जिसमें प्रधानमंत्री सड़क योजना का बड़ा योगदान है। ऊना में बल्क ड्रग पार्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है जिसके काम में बिलम्ब और अड़चन सुक्खू सरकार पैदा कर रही है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्मचारियों के हक में सुनाये फैसले पर कहा कि कोर्ट ने जो भी फैसला दिया है उसको लागू करने का काम राज्य सरकार का है। सरकार को ये फैसला मानना ही होगा। सिर्फ बयानबाजी के लिए कर्मचारी हितैषी बनने का ढोंग नहीं करना चाहिए। सरकार कर्मचारी हितैषी है तो फिर समय पर सैलरी क्यों नहीं मिल रही है और क्यों पैंशन के लिए पूर्व कर्मचारी सड़कों पर आंदोलनरत हैं।
उन्होंने ऊना के विधायक एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सती की बीमारी पर कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। ये राजनीति का गिरता स्तर है। बीमारी किसी को भी हो सकती है। उन्होंने सतपाल सती के घर जाकर उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
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