शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बहुचर्चित युग हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में शिमला के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इस दौरान, गुस्साए लोगों ने कोर्ट के खिलाफ नारेबाजी की और युग के हत्यारों को फांसी देने की मांग की। बता दें कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गत दिवस ही चार साल के मासूम युग के तीन दोषियों की फांसी की सजा को पलटा है। हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में एक आरोपी को बरी किया, जबकि 2 अन्य की फांसी की सजा उम्रकैद में तब्दील की है।
इससे नाराज युग के परिजनों और शिमला वासियों ने वीरवार को डीसी कार्यालय से शेर-ए-पंजाब तक मार्च निकाला। इस दौरानए युग के परिजनों ने आंखों पर काली पट्टी बांधी। युग के पिता विनोद गुप्ता ने हाईकोर्ट के फैसले पर असंतोष जताया और कहा कि सबूत होने के बावजूद एक आरोपी को बरी किया गया। उन्होंने अदालत के फैसले और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। विनोद गुप्ता ने कहा कि कानून अंधा हो चुका है, इसलिए उन्होंने आंखों पर काली पट्टी पहनी है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। अपनी आखिरी सांस तक न्याय के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

