शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशा तस्करों के लिए अब जमीन तंग होती नजर आ रही है। चिट्टा (हेरोइन) माफिया की कमर तोड़ने के लिए शिमला पुलिस ने रविवार देर रात बड़ा और सुनियोजित अभियान चलाते हुए शहर से लेकर बाहरी इलाकों तक एक के बाद एक छापेमारी की। इस कार्रवाई में एक युवती समेत छह नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जबकि भारी मात्र में चिट्टा बरामद कर एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
नशे के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई बालूगंज थाना क्षेत्र के न्यू टुटू रेलवे स्टेशन के समीप सामने आई, जहां लंबे समय से नशे का खेल चलने की सूचना पर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान चार लोगों को मौके से गिरतार किया गया। तलाशी में उनके कब्जे से 10.53 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों में युवती सिमरन के अलावा मोहित (टुटू), राकेश गर्ग और अमित सोनी (कंडाघाट, सोलन) शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह ठिकाना चिट्टा सप्लाई का सक्रिय केंद्र था।
शहर के बाहर भी पुलिस का शिकंजा कसता रहा। कुमारसैन थाना क्षेत्र के तहत स्पेशल सेल ने सुन्नी-सैंज मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान ननखड़ी निवासी रितिक को शक के आधार पर रोका। तलाशी में उसके पास से 6.77 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह जानने में जुटी है कि नशे की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। तीसरी बड़ी कार्रवाई आंजी बाईपास के पास हुई, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पंजाब रोडवेज की बस को रोका।
तलाशी के दौरान धर्मपुर निवासी कपिल के पास से 7.29 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। उधर इस मामले में डीआईजी संजीव कुमार गांधी ने स्पष्ट किया है कि शिमला में नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ना पुलिस की प्राथमिकता है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, वहीं उनके सप्लायरों और पीछे बैठे बड़े चेहरों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी गई है। नए साल की शुरुआत के साथ ही शिमला पुलिस का यह अभियान लगातार अक्रमिक होता जा रहा है।
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