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मंदिरों के चढ़ावे से सामाजिक कार्यों की तैयारी, हाईकोर्ट जाएगी सरकार

Preparation for social work from temple offerings : शिमला। हिमाचल प्रदेश के बड़े मंदिरों में आने वाले चढ़ावे की राशि को सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों में खर्च करने की अनुमति के लिए प्रदेश सरकार हाईकोर्ट का रुख करेगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में कहा कि सरकार मामले की कानूनी स्थिति का अध्ययन कर रही है और इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और यहां चप्पे-चप्पे पर मंदिर स्थित हैं। प्रदेश के करीब तीन दर्जन मंदिर सरकार के अधीन हैं। इनमें चिंतपूर्णी, चामुंडा माता सहित कई प्रमुख शक्तिपीठ और बड़े धार्मिक स्थल शामिल हैं। इन मंदिरों में वर्षभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है और बड़ी मात्रा में चढ़ावा प्राप्त होता है। अग्निहोत्री ने कहा कि पहले मंदिरों में प्राप्त होने वाली राशि में से कुछ धनराशि सामाजिक कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई जाती थी। इससे जरूरतमंदों की सहायता सहित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों को बढ़ावा मिलता था। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की ओर से इस तरह राशि खर्च करने को लेकर बंदिशें लगाई गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार मंदिरों में आने वाले चढ़ावे की राशि के उपयोग को लेकर किसी भी कानूनी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करना चाहती। इसी कारण पूरे मामले की कानूनी स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि न्यायालय के समक्ष मामले को उचित तरीके से रखा जाए और यदि अनुमति मिलती है तो मंदिरों की आय का उपयोग व्यापक सामाजिक हित में किया जा सके। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करेगी। इससे मंदिरों के चढ़ावे की राशि को सामाजिक कार्यों में खर्च करने को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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