शिमला: शिमला में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि 11 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन लगातार जारी है और न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस होने तक संघ पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने 5 अगस्त को हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने प्राथमिक शिक्षक संघ और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन समिति के गठन में देरी हुई। वहीं, बैठक में कई शिक्षक संगठनों ने भी न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम का खुलकर विरोध किया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि 25 जुलाई को प्राथमिक शिक्षकों की पदयात्रा शिमला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक हुई थी। बैठक में फैसला लिया गया था कि प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित कर संघ की मांगों पर विस्तार से विचार किया जाएगा और रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि संयुक्त समिति के गठन में देरी की गई और 5 अगस्त को हुई बैठक में ऐसे कई संगठनों को भी बुलाया गया, जिनका न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए इस मुद्दे पर बातचीत में उनकी भूमिका सबसे अहम होनी चाहिए।उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग को उम्मीद थी कि अन्य शिक्षक संगठन न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम का समर्थन करेंगे, लेकिन बैठक में तस्वीर इसके उलट सामने आई। टीजीटी, सीएंडवी, साइंस मास्टर, टीजीटी आर्ट्स, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ समेत कई संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया और इसे ‘न्यू जुगाड़ तंत्र’ करार दिया। रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि प्राथमिक स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के बजाय प्रतिनियुक्तियों के माध्यम से व्यवस्था चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा और भविष्य में माध्यमिक शिक्षा पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
कहा कि बैठक में सचिवालय और निदेशालय से जुड़े कुछ अधिकारियों और प्रिंसिपलों को आगे कर व्यवस्था के समर्थन में माहौल बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अधिकांश फील्ड प्रिंसिपल न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के पक्ष में नहीं हैं। रमेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर ही निर्भर रहने के बजाय जमीनी हकीकत को समझा जाए। उन्होंने आशंका जताई कि विभाग सरकार को मैनिपुलेटेड रिपोर्ट देकर गुमराह कर सकता है।उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन जारी रहेगा और 5 सितंबर तक सरकार ने न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस लेने का फैसला नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा। रमेश शर्मा ने कहा कि पिछली बार आश्वासन मिले, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस फैसला चाहिए।
उन्होंने पदयात्रा में मिले समर्थन का भी जिक्र किया और कहा कि हजारों प्राथमिक शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक, जेबीटी बेरोजगार, एसएमसी सदस्य, मल्टी टास्क वर्कर, पंचायत प्रतिनिधि और आम लोग आंदोलन से जुड़े हैं। चौड़ा मैदान में करीब 15 हजार लोगों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि यह आंदोलन अब सिर्फ शिक्षकों का नहीं, बल्कि प्राथमिक शिक्षा को बचाने का जनआंदोलन बन चुका है।रमेश शर्मा ने दो टूक कहा कि 5 सितंबर तक सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन का अगला चरण और ज्यादा व्यापक होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार की होगी।
📍 Location: शिमला (शिमला)

