Protest against the teacher recruitment bill : शिमला। शिक्षक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (HPUTWA) ने प्रस्तावित शिक्षक भर्ती विधेयक के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। संघ के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ प्रोफेसर और शिक्षक भी शामिल हुए। शिक्षकों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया केवल नियुक्तियों का विषय नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की अकादमिक स्वायत्तता, शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक की गरिमा से जुड़ा अहम मुद्दा है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में वरिष्ठ प्रोफेसर एवं शिक्षक भी HPUTWA कार्यकारिणी के साथ उपस्थित रहे और प्रस्तावित शिक्षक भर्ती विधेयक के विरोध में अपनी एकजुटता व्यक्त की। वरिष्ठ शिक्षकों ने कहा कि यह केवल भर्ती प्रक्रिया का विषय नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की अकादमिक स्वायत्तता, शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक की गरिमा और उच्च शिक्षा के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। उन्होंने HPUTWA द्वारा उठाई गई इस आवाज का समर्थन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की विशिष्ट शैक्षणिक आवश्यकताओं और विषय-विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए ही शिक्षक भर्ती से संबंधित कोई भी व्यवस्था निर्धारित की जानी चाहिए।
HPUTWA के अध्यक्ष प्रो. नितिन व्यास ने कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षक के सम्मान और शिक्षा के मूल्यों को समर्पित दिन है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें विश्वविद्यालयों की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था का समर्थन नहीं किया जा सकता जो विश्वविद्यालयों की अकादमिक स्वायत्तता को प्रभावित करे।
प्रो. जोगिंदर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध, विचार और नवाचार के स्वतंत्र केंद्र हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षकों को स्वतंत्र और रचनात्मक अकादमिक वातावरण मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती में विषय-विशेषज्ञता और अकादमिक योग्यता को प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए तथा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को बनाए रखना आवश्यक है।

