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हिमाचल में कई स्थानों पर बारिश का तांडव, पांगी में 3 जगह बादल फटे

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून अब आफत बनता जा रहा है। सोमवार को चंबा जिले के जनजातीय उपमंडल पांगी में तीन स्थानों पर बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। हिलु, उदीन और थांदल क्षेत्र में बादल फटने के बाद नालों में अचानक आए फ्लैश फ्लड ने पुल, सड़कें, कृषि भूमि और संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुंचाया। वहीं, लाहुल-स्पीति जिले के जाहलमा नाले में आई बाढ़ से अस्थायी पुल बह जाने के कारण लाहुल और पांगी का संपर्क पूरी तरह कट गया। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में नालों का जलस्तर कई गुना बढ़ गया।

तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और पेड़ बहकर आए। अचानक आई इस आपदा से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने भागकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। सबसे अधिक नुकसान पांगी घाटी के हिलु, उदीन और थांदल क्षेत्रों में हुआ है। फ्लैश फ्लड के कारण उदीन और हिलु नाले पर बने छोटे पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई संपर्क सड़कें बह गईं। इससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। उधर, लाहौल-स्पीति जिले के जाहलमा नाले में अचानक आई बाढ़ से तांदी-संसारी मार्ग पर बना अस्थायी पुल बह गया।

पुल बहने से उदयपुर उपमंडल और पांगी का लाहुल घाटी से संपर्क पूरी तरह कट गया। सडक़ बंद होने से दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। इनमें मटर और अन्य नकदी फसलों से लदे वाहन भी शामिल हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ के साथ आए भारी मलबे ने चंद्रभागा नदी के प्रवाह को बाधित कर दिया। नदी में मलबा जमा होने से झील जैसी स्थिति बन गई है। जलस्तर बढ़ने के कारण जोबरंग पुल भी पानी में डूब गया, जिससे जोबरंग, रापे और राशेल गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से पांगी घाटी में किसानों की नकदी और मौसमी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

तेज बहाव से खेतों में खड़ी फसलें, उपजाऊ कृषि भूमि और सिंचाई व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार किसानों को लाखों रुपए की क्षति हुई है। बॉक्स प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन घटना के बाद प्रशासन, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई हैं। क्षति का सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों और किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा दिया जा सके।

क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों को बहाल करने के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। बॉक्स लोगों से सतर्क रहने की अपील लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जानेए अनावश्यक यात्रा से बचने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही राहत एवं बहाली कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

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