कुल्लू : हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में हो रहे हिमपात ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला मुख्यालय के साथ लगते अखाड़ा बाजार के मठ क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण भारी दहशत का माहौल है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने 15 से अधिक घरों को खाली करवाकर परिवारों को रात को सुरक्षित स्थानों (गुरुद्वारा साहिब और स्थानीय धर्मशाला) पर शिफ्ट किया है।
सरकार द्वारा आठ महीने बीत जाने के बाद भी भूस्खलन को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर प्रभावितों में काफी रोष है। वहीं कुल्लू-मनाली एनएच पर महा देवी तीर्थ वैष्णो माता मंदिर के समीप पहाड़ी की तरफ से बड़ी बड़ी चट्टानें सड़क मार्ग पर गिर गई लेकिन राहत की बात यह रही कि उस दौरान कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था। वहीं रामशिला-जिया एनएच पर स्थित भूतनाथ मंदिर के सामने पेट्रोल पंप के साथ लगती पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ है।
पहाड़ी से पत्थरों के गिरने की आवाज सुनकर पेट्रोल पंप कर्मियों में अफरा तफरी व दहशत का माहौल बन गया था। वहीं, मणिकर्ण घाटी में घटीगढ़ के पास भारी भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अस्थिर होने से लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे बहाली कार्य में भी बाधा आ रही है। वहीं जछन्नी में भी पहाड़ी से लगातार मलबा सड़क मार्ग पर आ रहा है। जिसकारण कई वाहन मलबे में फंस गए। जिन्हें जेसीबी के सहयोग से निकाला गया। वहीं राहगीरों के लिए भी सड़क पार करना कठिन हो गया है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार और लोक निर्माण विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। मठ क्षेत्र में लगातार गिर रहे मलबे को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से घरों को खाली करवाया गया है। लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से की जा रही है।

