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विधायकों का इस्तीफा स्वाकीर करने में राजभवन की कोई भूमिका नहीं : राज्यपाल

शिमला: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि तीन निर्दलीय विधायकों होशयार सिंह , आशीष शर्मा और केएल ठाकुर के विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने और इसे स्वीकारने में राजभवन की कोई भूमिका नहीं है। इस मामले में वह विधान सभा अध्यक्ष को निर्देश नहीं दे सकते, केवल सलाह दे सकते हैं। इस्तीफा मंजूर करना विधान सभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र का मुद्दा है। शिमला में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि यह निर्दलीय विधायक विधानसभा सचिव को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद उनसे भी मिलने आए थे और इन निर्दलीय विधायकों ने उन्हें भी अपने इस्तीफा की प्रति सौंपी थी।

राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने निर्दलीय विधायकों के इस्तीफा से संबंधित पत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है। विधान सभा सचिव के बाद निर्दलीय विधायकों ने विधान सभा अध्यक्ष को भी इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने कहा कि इन निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा स्वीकारने में राजभवन की कोई भूमिका नहीं है और यह सारा मामला विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय अथवा विवेक पर निर्भर है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कर्नाटक और मध्य प्रदेश विधानसभा में इसी तरह के मामलों के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय का हवाला दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में अपने निर्णय में कहा है कि अगर विधानसभा अध्यक्ष को कोई भी विधायक स्वयं उपस्थित होकर अपना त्यागपत्र सौंपता है तो विधानसभा अध्यक्ष की क्या भूमिका होनी चाहिए। यही नहीं इस निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विधायक विधानसभा अध्यक्ष को डाक अथवा किसी अन्य माध्यम से अपना त्यागपत्र देता है तो विधानसभा अध्यक्ष को क्या प्रक्रि या अपनानी चाहिए।

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