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मुख्यमंत्री ने 4 साल में उद्योगपतियों से एक बैठक तक नहीं की, ये अहंकार नहीं तो क्या है? : राजेंद्र राणा

सोलन: प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश के औद्योगिक हब बद्दी-नालागढ़ की बदहाली को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बद्दी आज केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, हिमाचल के हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का केंद्र है। वहां फार्मा सहित सैकड़ों उद्योग लगे हैं, लेकिन सरकार के नकारात्मक रवैये से आज वहां निवेशक भी चिंतित है और उद्योगपति परेशान है।

राजेंद्र राणा ने कहा कि बद्दी में आज 3 बड़ी समस्याएं हैं। सड़कों की हालत जर्जर है जिससे घंटों जाम लगता है। दिन में ही घंटों बिजली के कट लग रहे हैं और हफ्ते में एक दिन तो पूरा शटडाउन किया जा रहा है। फायर एनओसी जैसी सामान्य प्रक्रिया के लिए भी उद्योगपतियों को परेशान किया जा रहा है। अपनी बिजली होते हुए भी उद्योगों को बिजली नहीं मिल रही है और सरकार बाहर बिजली बेच रही है। उन्होंने बड़ा सवाल मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर उठाते हुए कहा कि इससे पहले चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, हर मुख्यमंत्री साल में 1-2 बार बद्दी-नालागढ़ की एसोसिएशन से बैठकर उनकी समस्याएं सुनता था। लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री को 4 साल हो गए, एक बैठक तक करना उचित नहीं समझा। अगर मेहनत से पद मिला हो तो व्यक्ति प्रदेश के बारे में सोचता है।

राणा ने कहा कि जिन विधायकों ने मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने में नेतृत्व और समर्थन दिया, उन सब विधायकों के बारे में ही पार्टी छोड़ने जैसी टिप्पणी करने वाले मुख्यमंत्री, प्रदेश की जनता का भला क्या करेंगे? और फिर कौन उन पर भरोसा करेगा? उन्होंने कहा कि सरकार का नया निवेश लाने का कोई विजन ही नहीं है जबकि पड़ोसी राज्य रोज नई नीतियां ला रहे हैं। हिमाचल पर हजारों करोड़ का कर्ज चढ़ चुका है और औद्योगिक क्षेत्र में केवल चहेतों को लाभ पहुंचाने की नीति चल रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में जनता ने संकेत दे दिया है और विधानसभा में भी जनता अपना निर्णय सुनाएगी।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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