Last Updated: October 24, 2026

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मुख्यमंत्री सुक्खू से मिला राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल, मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने का दावा

October 24, 2026

मुख्यमंत्री सुक्खू से मिला राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल, मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने का दावा

शिमला। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा के दौरान उठाई गई मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की। पार्टी ने मुख्यमंत्री के समक्ष सवर्ण आयोग के गठन, UGC नियमों की वापसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने और शिक्षा एवं रोजगार में राहत सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। पार्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और इन पर आगे बातचीत करने तथा आवश्यक कदम उठाने की दिशा में काम करने का आश्वासन दिया।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की ओर से यह मुलाकात 21 दिवसीय ‘हिमाचल मांगे तीसरा विकल्प–सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा’ के समापन के बाद की गई। पार्टी अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि यात्रा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद इन मांगों पर ठोस कार्रवाई की दिशा में प्रगति होगी।

सोलंगनाला से शिमला सचिवालय तक निकाली 600 किलोमीटर की पदयात्रा

रुमित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में यह पदयात्रा दो अक्टूबर को मनाली के सोलंगनाला से शुरू हुई थी। करीब 600 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यात्रा 22 अक्टूबर को शिमला सचिवालय पहुंची। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और यात्रा में शामिल लोगों ने सवर्ण समाज के अधिकारों, सवर्ण आयोग के गठन, UGC नियमों की समीक्षा एवं वापसी सहित कई मांगों को प्रमुखता से उठाया।

पार्टी का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य केवल किसी एक वर्ग की मांगों को सामने रखना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों पर सरकार की पहल का आग्रह किया गया।

मंत्री अनिरुद्ध सिंह राणा की पहल से आगे बढ़ी बातचीत

सचिवालय की ओर कूच के दौरान 22 अक्टूबर को पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह राणा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। पार्टी के मुताबिक, मंत्री ने वहां प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और उनके साथ संवाद स्थापित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात और मांगों पर चर्चा का रास्ता प्रशस्त हुआ।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह राणा का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान मौके पर पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल की बात सुनना और मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के लिए सकारात्मक पहल करना महत्वपूर्ण रहा। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक संवाद की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।

सवर्ण आयोग के गठन और सवर्ण एक्ट की मांग

मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में सवर्ण आयोग का गठन प्रमुख मांगों में शामिल रहा। पार्टी ने मांग की कि सवर्ण समाज की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए आयोग गठित किया जाए और उसे प्रभावी कानूनी अधिकार भी प्रदान किए जाएं।

पार्टी का तर्क है कि समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों की शिकायतों और जरूरतों पर व्यवस्थित तरीके से विचार किया जा सके। ज्ञापन में सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान करने का भी आग्रह किया गया।

UGC नियमों की समीक्षा और वापसी का मुद्दा उठाया

प्रतिनिधिमंडल ने UGC के नियमों को लेकर भी अपनी मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। पार्टी ने विवादित प्रावधानों की निष्पक्ष समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने की मांग उठाई। उसका कहना है कि विद्यार्थियों के बीच भेदभाव और अन्याय की आशंकाओं का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि शैक्षणिक संस्थानों में सभी विद्यार्थियों को निष्पक्ष वातावरण मिल सके।

पार्टी ने इस विषय को केंद्र सरकार तक पहुंचाने और संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का भी अनुरोध किया। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक भी इन मांगों को पहुंचाने की अपील की गई है।

EWS परिवारों को सुविधाएं सरल बनाने पर जोर

ज्ञापन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पात्र परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध करवाने की मांग भी शामिल है। पार्टी ने EWS प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया आसान करने, पात्र परिवारों को आरक्षण और अन्य लाभों तक सुगम पहुंच देने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए फीस में छूट, छात्रवृत्ति और शिक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। पार्टी का कहना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी पात्र विद्यार्थी की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए और युवाओं को रोजगार के अवसरों में निष्पक्ष प्रक्रिया मिलनी चाहिए।

किसानों, महिलाओं और छोटे व्यापारियों के हितों का भी मामला उठाया

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने अपने ज्ञापन में किसानों, महिलाओं और छोटे व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया। पार्टी ने जरूरतमंद और पात्र लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास तथा आर्थिक सहायता की प्रभावी व्यवस्था करने का आग्रह किया।

इसके अलावा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की समीक्षा की मांग करते हुए पात्रता के मानकों, आर्थिक सहायता के वितरण और सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही गई।

कानूनों के निष्पक्ष क्रियान्वयन और झूठे मामलों में न्याय की मांग

ज्ञापन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा का विषय भी उठाया गया। पार्टी ने निष्पक्ष जांच, वास्तविक पीड़ितों को न्याय और निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके साथ ही जानबूझकर दर्ज कराए जाने वाले कथित झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों में विधिसम्मत जांच तथा पीड़ितों को उचित राहत उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया। पार्टी ने कहा कि वास्तविक शिकायतों और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के बीच अंतर करते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने अपने ज्ञापन में समानता, निष्पक्षता और सामाजिक न्याय को भी प्रमुखता दी। पार्टी ने मांग की कि जाति के आधार पर किसी के साथ अन्याय न हो तथा शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं तक सभी नागरिकों की निष्पक्ष पहुंच सुनिश्चित की जाए।

लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा संघर्ष

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि 21 दिवसीय पदयात्रा किसी के विरोध मात्र के लिए आयोजित नहीं की गई थी, बल्कि इसका उद्देश्य न्याय, समानता, पारदर्शिता और जनहित से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना था। उन्होंने यात्रा में शामिल माताओं-बहनों, युवाओं, बुजुर्गों, कार्यकर्ताओं और देशभर से समर्थन देने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाती रहेगी। मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद पार्टी को उम्मीद है कि संबंधित मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक पहल होगी। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमर ठाकुर, सिरमौर जिला अध्यक्ष लवली चौहान, शिवानी रघुवंशी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने दोहराया कि उसका लक्ष्य स्वाभिमान, समानता और सुशासन के मुद्दों को लेकर हिमाचल प्रदेश में एक मजबूत तीसरा राजनीतिक विकल्प खड़ा करना है। अब मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात के बाद इन मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर संबंधित वर्गों की नजर रहेगी।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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