
शिमला: हिमाचल प्रदेश के कला और साहित्य जगत के लिए दुखद खबर है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध मूर्तिकार एवं साहित्यकार प्रोफेसर एमसी सक्सेना का निधन हो गया है। उन्होंने शिमला में अंतिम सांस ली। उनके निधन से कला और साहित्य के क्षेत्र में शोक की लहर है। अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मक योगदान से उन्होंने प्रदेश को विशिष्ट पहचान दिलाई।
प्रो. एमसी सक्सेना की पहचान एक ऐसे मूर्तिकार के रूप में रही, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से बेजान पत्थरों और अन्य माध्यमों को जीवंत अभिव्यक्ति प्रदान की। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थापित हिमबाला की प्रतिमा उनकी कला का प्रमुख उदाहरण है। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देने वाली कई अन्य प्रतिमाओं को भी उन्होंने तराशा था। इन कलाकृतियों के माध्यम से उनकी कला आज भी शिमला की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बनी हुई है।
मूर्तिकला के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी प्रो. सक्सेना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कला और साहित्य के प्रति उनकी गहरी रुचि तथा सृजनशीलता ने उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान ने हिमाचल प्रदेश की कला परंपरा को व्यापक मंच प्रदान करने में भूमिका निभाई।
उनके निधन से प्रदेश ने कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाला एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व खो दिया है। शिमला की कई प्रतिमाओं के रूप में उनकी कलात्मक विरासत लंबे समय तक लोगों को उनकी याद दिलाती रहेगी। कला प्रेमियों और साहित्य जगत में उनके योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
📍 Location: शिमला (शिमला)
मेष: दिन शुभ रहेगा...