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वीरभद्र सिंह ने हिमाचल को दी विकास की नई पहचान : रोहित ठाकुर

Rohit Thakur Hails Virbhadra Singh’s Legacy : शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और जनकल्याणकारी नीतियों ने हिमाचल प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। उन्होंने ‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ के मंत्र को याद करते हुए महान नेताओं के आदर्शों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

उनके नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि कभी विकास के मामले में पिछड़े पहाड़ी राज्यों में गिने जाने वाले हिमाचल प्रदेश की आज एक विकास मॉडल के रूप में पहचान है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास में डॉ. वाई.एस. परमार, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह जैसे महान नेताओं का अतुलनीय योगदान रहा है। इन नेताओं की दूरदर्शिता, जनसेवा की भावना और विकासपरक नीतियों के कारण ही प्रदेश वर्तमान स्थिति तक पहुंचा है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2003 में जब वह और मुकेश अग्निहोत्री पहली बार विधायक बने थे, उस समय वीरभद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्हें वीरभद्र सिंह का वह मूल मंत्र आज भी याद है, जिसमें वह ‘सर्वत्र हिमाचल, सर्वत्र विकास’ की भावना पर जोर देते थे। उन्होंने कहा कि यही सोच कांग्रेस सरकार की विकास नीति का आधार रही है और इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। *महान नेताओं की स्मृतियों को संजोना हमारा नैतिक दायित्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अमर नहीं होता, लेकिन समाज और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान नेताओं के विचार और आदर्श हमेशा जीवित रहते हैं।

ऐसे जननायकों का स्मरण करना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह जैसे नेताओं ने हिमाचल प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। डॉ. वाई.एस. परमार के समय से लेकर वीरभद्र सिंह के कार्यकाल तक प्रदेश ने विकास के विभिन्न पड़ाव तय किए और अपनी अलग पहचान बनाई। समय के साथ परिवर्तन आवश्यक है, लेकिन विकास की मूल भावना, सिद्धांतों और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

रोहित ठाकुर ने कहा कि यदि हम अपने महान नेताओं की विचारधारा से दूर हो जाएंगे, तो हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट पहचान भी प्रभावित होगी। इसलिए उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य करना आवश्यक है। *लोक निर्माण विभाग में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुए महत्वपूर्ण कार्य* शिक्षा मंत्री ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने विभाग में अच्छा कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सहित विभिन्न योजनाओं के तहत सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय स्वीकृतियां और बजट आवंटन प्राप्त हुए हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में झाकड़ी क्षेत्र के लिए लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। रोहित ठाकुर ने कहा कि सड़कें प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण संपर्क और पर्यटन विकास की आधारशिला हैं।

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित होने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता मिलती है। शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम के आयोजकों, युवा नेता राहुल सैनी, मंडल कांग्रेस के पदाधिकारियों और सभी सहयोगियों को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महान नेताओं के योगदान को याद करने और उनकी विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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