शिमला: हिमाचल प्रदेश की उच्च पर्वतीय इलाकों की चोटियों पर तीन दिन से बर्फबारी हो रही है। सूबे के किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर मंगलवार को भी ताजा बर्फबारी हुई है। लाहौल-स्पीति के रोहतांग दर्रा, बारालाचा व शिंकुला दर्रा में दो फीट बर्फबारी हो चुकी है। गोंदला में सवा फीट और केलांग में भी एक फीट बर्फ गिर गई है। चंबा के मणिमहेश, कुगती व साचपास में भी एक फीट से अधिक हिमपात हो चुका है।
किन्नौर की ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी हो रही है। किन्नर कैलाश और छितकुल में 3 इंच से ज्यादा स्नोफॉल हो चुका है। भारी बर्फबारी के बाद दारचा में 200 से ज्यादा ट्रक सड़क पर फिसलन बढ़ने से फंस गए हैं। शिमला जिला के रोहडू के चांशल में भी 2 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। पहाड़ों पर अर्ली स्नोफॉल से अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही दिसंबर जैसी ठंड हो गई है। केलांग का तापमान माइनस 0.5 डिग्री और कुकुमसैरी का माइनस 0.3 डिग्री तक लुढ़क गया है। वहीं शिमला के मौसम में आए बदलाव के बाद यहां पर भी दिन के समय गर्मी का एहसास होने लगा है।
हालांकि बीते दिनों के दौरान हुई बारिश के चलते जिला शिमला में भी लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा था। जिला शिमला के अधिकतर क्षेत्रों में मंगलवार को भी पूरा दिन तेज धूप खिली रही। तेज धूप के खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान में बीते दिनों के दौरान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल दर्ज किया गया है। अगामी दिनों के दौरान भी शिमला में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। जिससे यहां पर लोगों को गर्मी ओर ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
शिमला में अधिकतम तापमान के साथ न्यूनतम तापमान में भी इजाफा रिकॉर्ड किया गया है। शिमला में तापमान 11.6, नारकंडा में 9.1 और कुफरी में तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान में उछाल आने से जिला शिमला में सुबह व शाम के समय ठंड कम हो गई है। जबकि बीते दिनों के दौरान बारिश होने से एकाएक न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आ गई थी। जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा था। मगर अब सुबह व शाम समय भी बीते दिनों के मुकाबले ठंड कम हुई है।
ये भी पढ़ें : गुजरात में बनेगी पहली हाई-टेक नर्सरी, खर्च होंगे 3.5 करोड़ रुपए

