मंडी: जनगणना-2027 के दूसरे चरण को सही तरीके से पूरा करने के लिए मंडी में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हो गई है। उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती ने किया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जनगणना का दूसरा चरण बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें हर व्यक्ति और परिवार से जुड़ी जरूरी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार, परिवार की स्थिति, प्रवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां शामिल होंगी। इन आंकड़ों से जिले की आबादी और लोगों की स्थिति की सही तस्वीर सामने आएगी।
इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे जानकारी जुटाने, उसकी निगरानी करने और आंकड़ों को संभालने में आसानी होगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के दौरान डीसीओ एवं नोडल अधिकारी-कम-मास्टर ट्रेनर हिमांशु और आनंद सोनी ने अधिकारियों व कर्मचारियों को जनगणना से जुड़ी प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उन्हें सही और पूरी जानकारी दर्ज करने, समय पर काम पूरा करने और जनगणना के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने के बारे में भी बताया गया।
बर्फीले क्षेत्रों में सितंबर में होगी जनगणना
मंडी जिले के बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का दूसरा चरण सितंबर महीने में कराया जाएगा। इसका मुख्य कारण आने वाली बर्फबारी और खराब मौसम से जनगणना के काम में किसी तरह की परेशानी को रोकना है। इन क्षेत्रों में प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों और लोगों से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाएंगे।
दो दिन चलने वाली इस कार्यशाला में जनगणना की प्रक्रिया, काम करने के तरीके और अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले में जनगणना का काम सही, पारदर्शी और समय पर पूरा करना है। कार्यशाला में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और जनगणना कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

