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बर्फबारी में देखें जन्नत का नजारा, ‘सैलानियों’ की ‘पहली पसंद’ बना ‘इग्लू’

कुल्लू (सृष्टि) : कुल्लू के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बीते दिनों हुई बर्फबारी जहां पर्यटन कारोबार के लिए मददगार साबित हुई है, तो वहीं बर्फबारी का मजा लेने के लिए सैलानी भी विभिन्न इलाकों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में मनाली के ऊपरी इलाकों में रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। जो बर्फ देखने और बर्फ में कुछ पल बिताने, सहासिक खेल खेलने का लुत्फ उठा रहे है। ऐसे में इन दिनों सैलानियों के लिए हामटा पास में बने इग्लू आकर्षण का केंद्र बने हुए है।

मनाली के साथ लगते हामटा में बर्फ से इग्लू तैयार किया गए है। स्थानीय युवाओं द्वारा अलग-अलग स्थानों पर इग्लू का निर्माण किया गया है। सेथन गांव में रह रहे विजय बोध, विकास और तशी अलग-अलग स्थानों पर ये इग्लू बना रहे है, जहां इन दिनों पर्यटक इग्लू में रह कर एक नए रहा का अनुभव महसूस कर रहे है।

कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली से करीब 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सेथन गांव में इग्लू का निर्माण किया है, जिसके दीदार के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दूर से पर्यटक भी यहां पर पहुंच रहे हैं और बर्फ से बने इग्लू में रहने का खूब लुत्फ ले रहे हैं। सेथन गांव में युवक पिछले कई वर्षों से इन इग्लू का निर्माण कर हर साल सर्दियों के दिनों में करते आए हैं। बीते दीनों हुई बर्फबारी के बाद भी इन इग्लू का निर्माण किया है। और उसके बाद जैसे ही लोगों को इन इग्लू के बारे में पता लगा। तो लोगों का इनके दीदार के लिए यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। इग्लू में रहने के साथ-साथ पर्यटक यहां बर्फ में खेलने का भी लुत्फ उठा रहे है। इस अनोखे अनुभव के लिए अब सेथन गांव पर्यटकों की पसंद बना हुआ है।

क्या होता है इग्लू

इग्लू यानी बर्फ का घर जिसे बर्फ इकठ्ठा करके उसकी सिल्ली बना कर बनाया जाता है। एक इग्लू को बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है और जितनी अधिक बर्फ हो वो उतना अच्छा रहता है। एक इग्लू को तैयार करने के लिए कम से कम 2 से 3 दिन भी लग जाते हैं, लेकिन सेथन गांव की ठंड के बीच इग्लू के अंदर का तापमान बाहर ले तापमान से बेहतर महसूस होता है। ठंड में कैंपिंग कर टेंट में रहने की जगह इग्लू रहने का एक अलग ही एहसास है और पर्यटक इसका खूब लुप्त ले रहे हैं।

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