शिमला: एसएफआई द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ 20 जुलाई से शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल जारी है। आज इस क्रमिक भूख हड़ताल का तीसरा दिन था। आज की हड़ताल में स्नेहा, कुशाल राणा, अमन, अंकुश और आरुष भूख हड़ताल पर बैठे।
इसी दौरान जब नए साथी क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल होने के लिए बैठ रहे थे, तब भाजपा से जुड़े कुछ लोगों द्वारा एसएफआई के छात्र-छात्राओं पर हमला किया गया। छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे एसएफआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया गया। एसएफआई इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मानती है।
आज पूरे देश में छात्र शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन जहां-जहां छात्र अपनी लोकतांत्रिक आवाज उठा रहे हैं, वहां भाजपा सरकार और उससे जुड़े लोग आंदोलनों को दबाने के लिए दमनकारी हथकंडे अपना रहे हैं।
एसएफआई लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर नई, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग कर रही है। इन मांगों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनरत हैं। लेकिन सरकार छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। आज पूरे देश के अंदर बीजेपी के लोग बेनकाब हो रहे हैं। इस पेपर लीक को लेकर तथा जो जंतर मंतर के अंदर बीजेपी की सरकार के द्वारा छात्रों के खिलाड़ी चार्ज किया गया।
📍 Location: शिमला (शिमला)
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