Site icon Dainik Savera Times

शिमला में 1100 दिनों से धरने पर दृष्टिहीन, बैकलॉग आधार पर एकमुश्त भर्ती की मांग; सरकार से लगाई गुहार

शिमला। अपनी मांगों को लेकर करीब 1100 दिनों से आंदोलन कर रहे दृष्टिहीनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं कर सकती तो उन्हें जहर दे दिया जाए। दृष्टिहीन संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।

दृष्टिहीन संघ के पदाधिकारी हाल ही में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर शिमला लौटे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस आलाकमान के समक्ष भी अपनी मांगों और आंदोलन की स्थिति को रखा गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि आलाकमान से मुलाकात के बाद उन्हें अपनी मांगें पूरी होने की उम्मीद बंधी है।

दृष्टिहीन करीब 1100 दिनों से शिमला के कालीबाड़ी स्थित रैन शेल्टर में धरने पर बैठे हैं। इस दौरान अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए कई बार चक्का जाम और सचिवालय के बाहर प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन उनका आरोप है कि सरकार की ओर से अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

दृष्टिहीन संघ की प्रमुख मांग बैकलॉग के आधार पर एकमुश्त भर्ती करने की है। उनका कहना है कि लंबे समय से सरकारी नौकरियों में दृष्टिहीनों के लिए लंबित बैकलॉग को भरा जाए, ताकि उन्हें रोजगार का अधिकार मिल सके।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान अब तक चार दृष्टिहीनों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेकर बैकलॉग आधार पर एकमुश्त भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

📍 Location: शिमला (शिमला)

Exit mobile version