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शिमला में फिर आफत…5 मंजिला इमारत चंद सेकंड में ही हुई धवस्त, 4 जिलों में रेड अलर्ट

Shimla Building Collapsed: हिमाचल डेस्क : हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार अपना कहर बरपा रहा है। पहाड़ों पर मूसलधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राजधानी शिमला के भट्टाकुफर उपनगर में आज सुबह एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। सौभाग्यवश, समय रहते मकान को खाली करा लिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि यह मकान एक सेवानिवृत्त एसडीओ का था और फोरलेन सड़क निर्माण के लिए की जा रही कटिंग के चलते इसकी नींव कमजोर हो गई थी।

हमीरपुर में पेड़ गिरा, वाहन क्षतिग्रस्त

इसी तरह, हमीरपुर जिले के सुजानपुर क्षेत्र में एक विशाल पेड़ गिरने से तीन वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

-रेड अलर्ट और स्कूल बंद

मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी को देखते हुए मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में सभी स्कूल एहतियातन बंद कर दिए गए हैं। साथ ही कुल्लू जिले के मनाली और बंजार क्षेत्रों में भी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

-24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश, बाढ़ का खतरा

राज्य के कई हिस्सों में बीती रात से मूसलधार बारिश हो रही है। मंडी में रातभर 119 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे अधिक है। चंबा, शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और कांगड़ा जैसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

-बादल फटने से जानमाल का नुकसान

पिछले सप्ताह कुल्लू और धर्मशाला में बादल फटने की घटनाओं से भारी तबाही हुई है। कुल्लू के हॉर्नगाड में तीन लोग घर सहित बह गए, जिनमें से एक का शव बरामद हुआ है जबकि दो अब भी लापता हैं। वहीं, धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र में बादल फटने से सात मजदूर बह गए, जिनमें से छह के शव बरामद हो चुके हैं।

-मानसून की तबाही: अब तक 39 की मौत

20 जून से अब तक हिमाचल में मानसून के चलते 39 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 19 सड़क हादसों में, 7 अचानक बाढ़ में, 6 पानी में डूबने से, 3 ऊंचाई से गिरने से, 2 बिजली की चपेट में आने से, 1 सांप के काटने से और अन्य कारणों से 1 व्यक्ति की मौत हुई है।

-सड़कें और बिजली व्यवस्था प्रभावित

राज्य में 129 सड़कें बंद हो गई हैं और 612 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। मंडी डिवीजन में सबसे अधिक 340 ट्रांसफार्मर ठप हैं। लाहौल-स्पीति में 140, कसौली-परवाणू में 92, हमीरपुर में 33 और कुल्लू डिवीजन में 7 ट्रांसफार्मर कार्य नहीं कर रहे हैं।

-आगे भी खतरे के संकेत

1 जुलाई को मंडी, कांगड़ा और कुल्लू में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

-प्रशासन की जनता से अपील

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस मानसूनी कहर से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं, लेकिन आमजन की जागरूकता और सहयोग सबसे अहम है।

-129 सड़कें और 612 बिजली ट्रांसफार्मर बंद

भारी बारिश के कारण पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इससे कई घर खतरे में आ गए हैं। प्रदेश भर में 129 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गई हैं। इसी तरह 612 बिजली ट्रांसफार्मर भी काम करना बंद कर चुके हैं। मंडी डिवीजन में सबसे ज्यादा 340 ट्रांसफार्मर, लाहौल स्पीति डिवीजन में 140 ट्रांसफार्मर, कसौली-परवाणू में 92, हमीरपुर में 33 और कुल्लू डिवीजन में 7 ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं।

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