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दिशा में कार्य करें बैंक, लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति करें जागरूक : उपायुक्त

शिमला। जिला स्तरीय कंसल्टेटिव समिति की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को बचत भवन में आयोजित की गई। बैठक में जिले में बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, ऋण वितरण, प्राथमिकता क्षेत्र को दिए जा रहे ऋण तथा गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) की स्थिति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को उपलब्ध बैंकिंग सुविधाओं और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती है। उन्होंने बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे सकारात्मक दिशा में कार्य करते हुए आमजन को बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जब पात्र लोग योजनाओं की जानकारी प्राप्त करेंगे, तभी वे उनका लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बैंकिंग संस्थानों से योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का आग्रह किया।

बैठक में बताया गया कि जिले में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 30 जून, 2026 तक 1,95,161 खाते हैं। इनमें 21,924 खाते जीरो बैलेंस वाले हैं, जबकि शेष खातों में कुल 129.87 करोड़ रुपये जमा हैं। योजना के तहत 1,31,634 रुपे कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें से 75,245 कार्ड सक्रिय हैं।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत जिले में 1,75,203 पंजीकरण, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 4,14,511 पंजीकरण तथा अटल पेंशन योजना के तहत 90,825 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। जिले में 63 स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और उन्हें 131 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई गई है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत जिले में दो मामले स्वीकृत किए गए हैं।

बैठक में बैंकिंग क्षेत्र के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मार्च से जून 2026 की समीक्षा अवधि में जिले में कुल जमा राशि 44,893.88 करोड़ रुपये से घटकर 44,103.64 करोड़ रुपये रह गई, जो 1.76 प्रतिशत की कमी है। वहीं, बैंक अग्रिम 21,518.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,633.83 करोड़ रुपये हो गए, जो 0.54 प्रतिशत की वृद्धि है।

क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात भी 47.93 प्रतिशत से बढ़कर 48.98 प्रतिशत हुआ है। प्राथमिकता क्षेत्र के तहत बैंक अग्रिम 12,669.84 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,234.02 करोड़ रुपये हो गए, जो 4.45 प्रतिशत की वृद्धि है। कृषि क्षेत्र में अग्रिम 4,253.89 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,478.49 करोड़ रुपये हुए, जिसमें 5.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार MSME क्षेत्र में अग्रिम 3,164.33 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,510.07 करोड़ रुपये हुए, जो 10.93 प्रतिशत की वृद्धि है।

शिक्षा ऋण 75.47 करोड़ रुपये से बढ़कर 77.82 करोड़ रुपये हुआ, जबकि आवास ऋण 1,321.70 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,403.40 करोड़ रुपये हो गया। शिक्षा ऋण में 3.11 प्रतिशत तथा आवास ऋण में 6.18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

बैठक में बताया गया कि जिले में क्रॉप लोन के तहत 31,684 मामलों में 463.35 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME) योजना के तहत 15 खातों में 117 लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 6,021 खातों में 138.74 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया है।

गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) की समीक्षा

बैठक में 30 जून, 2026 तक जिले में बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में बैंकों के कुल अग्रिम लगभग 21,600.83 करोड़ रुपये रहे। कृषि क्षेत्र में कुल 10,403 खाते NPA श्रेणी में हैं, जिनमें 345.43 करोड़ रुपये की NPA राशि दर्ज की गई है। यह संबंधित कुल अग्रिम का 1.60 प्रतिशत है। इसमें फार्म क्रेडिट के 9,465 खातों में 308.48 करोड़ रुपये तथा अन्य कृषि गतिविधियों के 938 खातों में 36.95 करोड़ रुपये की NPA राशि शामिल है।

MSME क्षेत्र में 5,233 खाते NPA श्रेणी में हैं, जिनमें कुल 304.83 करोड़ रुपये की NPA राशि दर्ज की गई है। यह संबंधित कुल अग्रिम का 1.41 प्रतिशत है। बैंकिंग क्षेत्र के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कुल अग्रिम 10,128.38 करोड़ रुपये, निजी क्षेत्र के बैंकों में 2,628.73 करोड़ रुपये, सहकारी बैंकों में 8,408.81 करोड़ रुपये तथा हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक में 434.91 करोड़ रुपये रहे।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कृषि क्षेत्र के NPA 152.11 करोड़ रुपये और MSME क्षेत्र के NPA 263.05 करोड़ रुपये रहे। निजी क्षेत्र के बैंकों में कृषि क्षेत्र के NPA 47.64 करोड़ रुपये तथा MSME क्षेत्र के NPA 9.60 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। सहकारी बैंकों में कृषि क्षेत्र के NPA 136.87 करोड़ रुपये तथा MSME क्षेत्र के NPA 18.91 करोड़ रुपये रहे।

उपायुक्त ने बैंकों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जन सुलभ बनाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक ऋण एवं अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। बैठक में जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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📍 Location: शिमला (शिमला)

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