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नवरात्रि पर 200 साल पुराने कालीबाड़ी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालु की लंबी कतारें

नेशनल डेस्कः चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष के मौके पर 200 साल से भी ज्यादा पुराने कालीबाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। खराब मौसम की परवाह किए बिना, वे देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए यहां आए। बारिश और ठंड के बावजूद, सुबह से ही मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो उनकी गहरी आस्था और भक्ति को दर्शाती हैं।

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स्थानीय श्रद्धालु परमदेव शर्मा ने लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस शुभ अवसर पर, मैं देवी दुर्गा से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी को सुख, प्रेम और समृद्धि का आशीर्वाद दें। आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी संस्कृति को बचाकर रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मौसम कैसा भी हो, श्रद्धालु यहां आते रहते हैं, जो उनकी अटूट आस्था को दिखाता है।

मंदिर के पुजारी मुक्ति चक्रवर्ती ने कहा कि नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि यह देवी के अपने परिवार के साथ धरती पर आगमन का प्रतीक है, जो अपने साथ सुख और समृद्धि लाती हैं। उन्होंने कहा कि सभी को शांति, सद्भाव और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिले। मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है, और हमें आपसी सम्मान और प्रेम के साथ मिलकर रहना चाहिए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का जिक्र करते हुए पुजारी ने आगे कहा कि नवरात्रि के दौरान पूरे देश से श्रद्धालु दर्शन के लिए इस मंदिर में आते हैं।

नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा से हुई। कालीबाड़ी मंदिर शिमला के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ हर साल नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और यह देवी दुर्गा को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों के दौरान, श्रद्धालु देवी के नौ रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं, और समृद्धि व कल्याण के लिए आशीर्वाद पाने हेतु विभिन्न अनुष्ठान करते हैं।

इस त्योहार का समापन रामनवमी के साथ होता है, जो भगवान राम के जन्म का उत्सव है। इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, और पूरे देश में विशेष पूजा-अर्चना, जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

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