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30 नंवबर तक फ्यूनिकुलर तैयार करने की डेडलाइन, चढ़ाई से मिलेगी राहत, भवनों के बसेमनेट को भी जल्द मिलेगी अनुमति

शिमला: लक्कड़ बाजार से ऐतिहासिक रिज मैदान तक पहुँचने वाले लोगों के लिए अब खड़ी चढ़ाई की चुनौती जल्द खत्म होने वाली है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लक्कड़ बाजार बस स्टैंड से रिवोली मार्केट तक लिफ्ट और फिर वहाँ से रिज मैदान तक फ्यूनिकुलर ट्रॉली की अनूठी सुविधा तैयार की जा रही है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 3 परियोजनाओं और 58 मीटर लंबी इस विशेष ट्रॉली की क्षमता एक बार में लगभग 25 यात्रियों के सफर करने की है। इस परियोजना का निर्माण कार्य 30 नवंबर तक पूरा कर, आवश्यक ट्रायल के बाद दिसंबर के पहले सप्ताह में इसे शुरू करने की तैयारी है। इस सुविधा के शुरू होने से न केवल स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि बुजुर्गों, बच्चों और पर्यटकों के लिए भी रिज मैदान तक की आवाजाही बेहद आसान और सुगम हो जाएगी।

महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि तीन चरणों में काम चल रहा है, जिसमें लक्कड़ बाजार बस स्टैंड और रिवोली बस स्टैंड का निर्माण, 15 से 18 दुकानों का निर्माण, तथा लिफ्ट और फ्यूनिकुलर सिस्टम शामिल है जिसकी लागत लगभग 15.5 करोड़ रुपये है। ऑकलैंड स्कूल के पास वाली लिफ्ट का काम मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि रिवोली बस स्टैंड को आरटीडीसी (RTDC) के माध्यम से 30 नवंबर तक जनता को समर्पित करने की तारीख तय की गई है। इसके छोटे-मोटे ट्रायल के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन करवाया जाएगा।

यह परियोजना न केवल पर्यटकों, बल्कि सीनियर सिटीजन, स्थानीय लोगों और बाहरी पर्यटकों के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स तथा क्षेत्र की खूबसूरती को देखने के लिहाज से बहुत फायदेमंद होगी। इसका रख-रखाव नगर निगम और आरटीडीसी मिलकर करेंगे, जिसमें निगम का शेयर और विज्ञापनों के अधिकार भी शामिल होंगे​वहीं उन्होंने रिज पर बने व्यवसायिक परिसर पर उन्होंने कहा कि निचले फ्लोर पर चार-चार नए विकल्प जोड़ने है। जिसमें सरकार द्वारा निर्णय लिया जाना है। कुछ प्रस्तावों के तहत वहां बने बड़े हॉलों को शॉपिंग मॉल, बच्चों के लिए इंडोर स्पोर्ट्स या अन्य गतिविधियों के रूप में उपयोग करने के सुझाव आए हैं, जिन पर मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की गई है ताकि नगर निगम को इसका आर्थिक लाभ मिल सके।

वहीं सुरेंद्र चौहान ने वन टाइम सेटलमेंट को लेक्ट कहा कि उन्होंने पिछले दिनों शिमला और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी’ के तहत मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन किया था। उसी दिन यानी 30 तारीख को जब निगम हाउस की बैठक थी, तब उन्हें मंत्री अनिरुद्ध सिंह की तरफ से संदेश मिला कि वे अपने पार्षदों और लोगों के साथ शाम को मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। महापौर ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि जब यह बैठक पूरी तरह से जनता और सार्वजनिक हित (Public Cause) से जुड़ी थी, तो उस दौरान भाजपा के पार्षद और नेतृत्व इसमें शामिल नहीं हुए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं था, बल्कि जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाना और पानी-बिजली के भारी-भरकम बिलों जैसे मुद्दों पर राहत दिलाना हर चुने हुए नुमाइंदे का नैतिक कर्तव्य और फर्ज है, जिसे उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष संवेदनशीलता के साथ रखा। महापौर ने बताया कि जिस प्रकार पहले ‘अटिक’ की ऊंचाई और मंजिलों को नियमित (regularize) कर दिया गया था, उसी तर्ज पर अब मुख्यमंत्री ने बेसमेंट के निर्माण को भी अनुमति देने पर विचार करने की बात कही है। आज से 15 साल पहले की स्थिति के मुकाबले वर्तमान में सड़कें तो विकसित हो चुकी हैं, लेकिन बेसमेंट बंद होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। इस संबंध में सरकार की ओर से जल्द ही नोटिफिकेशन आने की संभावना है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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