हिमाचल डेस्कः राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के समीप 13 जून को हुई मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की गई। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हिमांक मित्तल जो मृतक मनीषा के भाई है और गोविंद के तौर पर हुई है।
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यहां मीडिया से बात करते हुए शिमला की एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) मेहर पंवार ने बताया कि 13 जून, 2026 को हरियाणा के दो शूटरों ने मनीषा के सिर पर कई गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि वारदात के 39 घंटे के अंदर ही दोनों शूटरों को हरियाणा से गिरफ़्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि शूटरों को हिमांक मित्तल ने हायर किया था। उसने गोविंद को 8.5 लाख रुपये भेजे थे ताकि वह हत्यारों और शिमला तक आने के लिए इस्तेमाल की गई कार का इंतजाम कर सके।
पंवार ने कहा कि हिमांक मित्तलऔर गोविंद का मनीषा के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था, जो उनकी हत्या की मुख्य वजह बनी। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी पता चला कि हिमांक मित्तल के पास स्कूल के CCTV फ़ुटेज का एक्सेस था, जहां मनीषा पिछले कुछ महीनों से अपनी बेटी के साथ रह रही थीं। वह फ़ुटेज का इस्तेमाल उनकी हरकतों पर नज़र रखने के लिए कर रहा था। हेमांक ने CCTV का एक्सेस गोविंद के साथ शेयर किया, जिसने आगे इसे शूटरों के साथ शेयर किया।
ASP ने बताया कि टेक्निकल और फाइनेंशियल सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि गोविंद को शिमला लाया गया है और वह पुलिस रिमांड पर है, जबकि हिमांक मित्तल, जो कुछ हफ़्ते पहले घायल हो गया था, अभी अपने घर पर है और उसे वर्चुअल तरीके से कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की आगे की जांच चल रही है।
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