
Shimla Tunnel Work Suspended After Cracks Develop : शिमला। संजौली-भटाकुफर-ढली के रिहायशी इलाकों में फोरलेन टनल की ब्लास्टिंग से भवनों में आई दरारों के मामले में जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कंपनी की ओर से प्रशासनिक निर्देशों की कथित अवहेलना पर चर्चा की।
फिलहाल टनल का निर्माण कार्य बंद है और आईआईटी रुड़की की टीम प्रभावित क्षेत्र व क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कंपनी द्वारा कथित तौर पर चोरी-छिपे निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की है, जो 22 अक्टूबर को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में फोरलेन टनल की ब्लास्टिंग से आवासीय इलाकों में आई दरारों के कारण टनल का निर्माण कार्य बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की की टीम को फोरलेन टनल से प्रभावित क्षेत्र तथा क्षतिग्रस्त भवन, जिनमें दरारें आई हुई है, के निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नियुक्त किया गया है जिसने टनल व आसपास के क्षेत्र का एक बार दौरा कर लिया है। यह टीम आगामी एक हफ्ते के भीतर अपनी विस्तृत रिर्पोट जिला प्रशासन को सौंप देगी, उसी आधार पर टनल निर्माण से संबंधित आगामी निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के दौरान फोरलेन कम्पनी द्वारा चोरी-छिपे किए जा रहे टनल के निर्माण कार्य का मामला भी प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों द्वारा उठाया गया, जिस पर उपायुक्त द्वारा दोनों अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई जिसमें सदस्य के रूप में उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कसुम्पटी वृत तथा तहसीलदार शिमला ग्रामीण शामिल किए गए है। इस कमेटी को फोरलेन टनल निर्माण कार्य की नवीनतम स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 अक्टूबर को निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए है।
बैठक में एडीएम कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज, फोरलेन प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।