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NEET में सफलता हासिल करने वाले शिमला के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान, YWCA माल रोड में हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह

शिमला: सखी सहेली समूह की ओर से शिमला जिला से NEET परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के सम्मान में YWCA, माल रोड शिमला में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

समारोह का आयोजन बृज सूद, अनीता सूद, मंजू सूद, श्वेता चौहान और कालपी शर्मा ने किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, प्रदेश सचिव कुसुम सदरेट और भाजपा जिला शिमला अध्यक्ष केशव चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

15 होनहार विद्यार्थियों को किया सम्मानित

समारोह में पार्थ पंडित, संचित छतवाल, वंशिका शर्मा, हर्ष, गार्गी, सातव्य सूद, दीक्षा शर्मा, आरुषि कश्यप, नव्या कश्यप, रवीना चौधरी, सनविक चौहान, दैविक वर्मा, लविश श्रीवास्तव, प्रद्युम्न कौशल और शव्य को NEET में सफलता हासिल करने पर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि इन युवाओं की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शिमला जिले के लिए गर्व का विषय है।

कठिन प्रतिस्पर्धा में सफलता मेहनत का परिणाम: भारद्वाज

पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि NEET जैसी कठिन और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर बनना केवल एक प्रतिष्ठित पेशा हासिल करना नहीं है, बल्कि समाज और मानवता की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसलिए चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को ज्ञान के साथ करुणा, संवेदनशीलता और सेवा भाव को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखना जरूरी

सुरेश भारद्वाज ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और शुचिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।

उन्होंने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठित रूप से अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानून में कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में पांच से दस वर्ष तक की सजा और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में आए काम

भारद्वाज ने कहा कि भारत के युवाओं ने हर दौर में देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक युवाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने शहीद भगत सिंह का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आज शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, कौशल विकास और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं देश के विकास में करना चाहिए।

डॉक्टर बनकर सेवा को दें प्राथमिकता

पूर्व मंत्री ने कहा कि NEET में सफलता विद्यार्थियों की मंजिल नहीं बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। आने वाले समय में यही युवा चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे।

उन्होंने कहा कि एक अच्छे डॉक्टर की पहचान केवल उसके चिकित्सा ज्ञान से नहीं होती, बल्कि उसके व्यवहार, ईमानदारी, करुणा और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता से भी होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा क्षेत्र में सेवा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को भी सराहा

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों और आयोजकों ने सफल विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और लगातार किए गए प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि शिमला के इन होनहार युवाओं की उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेंगी और वे मेहनत के साथ अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आगे बढ़ेंगे।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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