शिमला। हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से शिक्षकों की विभिन्न न्यायोचित मांगों को लेकर शिक्षा निदेशालय शिमला में चल रहा क्रमिक अनशन 77वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को जिला लाहौल-स्पीति के पीटीएफ ब्लॉक केलांग-2 के पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन में शामिल होकर सरकार के समक्ष शिक्षकों की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
क्रमिक अनशन में पीटीएफ केलांग-2 के मुख्य सलाहकार अनिल कुमार, जिला महिला विंग सदस्य कमला, ब्लॉक कोषाध्यक्ष दिनेश, सदस्य शांति और पलकी ने हिस्सा लिया। शिक्षकों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों और ब्लॉकों से शिक्षक लगातार क्रमिक अनशन में भाग ले रहे हैं। संघ के अनुसार आंदोलन में प्रदेशभर के प्राथमिक शिक्षक एकजुटता के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। शिक्षकों ने क्रमिक अनशन के दौरान सरकार से अपील की कि उनकी सभी न्यायोचित मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए।
संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और गांधीवादी विचारों के अनुरूप शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। आंदोलन के अगले चरण के तहत 2 अक्टूबर से राज्य, जिला, खंड और महिला विंग के पदाधिकारियों ने शिमला में काले बिल्ले लगाकर शिक्षण कार्य करने के कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद 3 अक्टूबर से प्रदेशभर में शिक्षक और एमडीएम वर्कर भी काले बिल्ले लगाकर कार्य कर रहे हैं।
संघ ने बताया कि आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले प्रदेश के सभी 68 विधायकों को शिक्षकों की मांगों से संबंधित मांग-पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान धर्मशाला में विशाल धरना-प्रदर्शन करने की भी तैयारी है।
गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षकों का यह आंदोलन 11 जुलाई 2026 को पैदल न्याय यात्रा के माध्यम से शिमला पहुंचने के बाद तेज हुआ था। इसके बाद 26 जुलाई को चौड़ा मैदान शिमला में शिक्षकों ने विशाल धरना दिया और उसके पश्चात शिक्षा निदेशालय के बाहर क्रमिक अनशन शुरू किया गया।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा है कि जब तक शिक्षकों की न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। संघ ने आंदोलन को पूरी एकजुटता, अनुशासन और गांधीवादी तरीके से आगे बढ़ाने का ऐलान किया है।
📍 Location: शिमला (शिमला)

