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ओस्लो में भारतीय दूतावास में शिक्षा-पर्यटन व हरित ऊर्जा पर चर्चा

Speaker Pathania Visits Indian Embassy in Oslo : शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने नॉर्वे दौरे के समापन से पहले ओस्लो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया। दूतावास प्रमुख अनन्या अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान भारत-नॉर्वे संबंधों के साथ हिमाचल में शिक्षा, पर्यटन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और संसदीय कार्यप्रणाली में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

दूतावास प्रमुख ने गुलदस्ता भेंट कर विधान सभा अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक के दौरान कई कूटनीतिक विषयों पर चर्चा की गई। हालांकि नॉर्वे में भारतीय उच्चायोग नहीं है बल्कि वहाँ पर भारतीय दूतावास मौजूद है। इस अवसर पर दोनों के बीच कई कूटनीतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा दोनों देशों के बीच परस्पर सम्बन्धों पर गहन चर्चा की गई। बातचीत में भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ती मित्रता तथा हिमाचल प्रदेश के साथ सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

इनमें शिक्षा, पर्यटन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और संसदीय कार्यप्रणाली के आदान – प्रदान जैसे विषय शामिल थे। अध्यक्ष ने दूतावास प्रमुख अनन्या अग्रवाल को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया। उन्होने भारत- नॉर्वे सम्बन्धों को मजबूत करने और नॉर्वे में भारतीय समुदाय का सहयोग करने के लिए दूतावास के प्रयासों की सराहना की। उन्होने दूतावास प्रमुख को हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया। इस दौरान विधान सभा अध्यक्ष ने हिमाचली टोपी, शॉल तथा अन्य उत्पादों पर चर्चा की तथा हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की बढ़ती सम्भावनाओं का भी उल्लेख किया।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने दूतावास के अधिकारियों के साथ हिमाचल में मौजूद धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन पर विस्तृत चर्चा की तथा इसे विदेशों में भी दूतावास के माध्यम से प्रचारित तथा प्रसारित करने का आग्रह किया । वहीं पठानियां ने महात्मा मोहन दास कर्मचन्द गांधी की 157वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्वांजली भी अर्पित की है। उन्होने कहा कि हालांकिगांधी जी आज हमारे बीच विद्यमान नहीं है लेकिन उनके नेक विचार, उच्च शिक्षा, ज्ञान तथा नैतिक मुल्य आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। आज भी गांधी जी के विचार तथा सिद्वान्त पुरे विश्व के लिए अनुकरणीय हैं।

महात्मा गांधी का जीवन ‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ के सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण था। इसी महत्व को रेखांकित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र आज के दिन को वैश्विक स्तर पर ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाता है, जो यह साबित करता है कि बापू के विचार आज भी वैश्विक शांति और मानवीय गरिमा के लिए मार्गदर्शक हैं। पठानियां ने कहा कि समकालीन वैश्विक चुनौतियों के बीच, महात्मा गांधी की शिक्षाएं हमें याद दिलाती हैं कि वास्तविक शक्ति नैतिक सत्य और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में निहित है।

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