शिमला। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यम की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लेते हुए उपायुक्त ने कहा कि त्यौहारी सीजन और नव वर्ष के चलते जनवरी माह तक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूता अभियान चलाया जाएगा।
जिला के शिक्षण संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करके सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ सड़कों की मरम्मत के लिए सभी उपमंडलाधिकारी प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे। इसके लिए तुरंत बजट मुहैया करवाया जाएगा। वहीं जिला के प्राथमिक स्कूलों के भवनों के मरम्मत कार्यों के लिए बजट मुहैया करवाया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अभी तक 211 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई। इसमें कुल 297 लोगों को चोटें आई जिसमें 90 लोगों की मौत, 70 गंभीर रूप से घायल और 227 लोगों को मामूली चोटें आई। सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक 45 सड़क दुर्घटनाएं और रात 09 बजे से रात 12 बजे तक 48 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई।
नेशनल हाईवे पर 95 सड़क दुर्घटनाओं में 14 मोतें और 133 लोग घायल हुए जबकि स्टेट हाइवे पर 23 सड़क दुर्घटनाओं में 9 की मौत और 48 लोग घायल हुए। ग्रामीण सड़कों पर 53 सड़क दुर्घटनाओं में 50 मौत और 77 घायल हुए है। ओवरस्पीड – रैश ड्राईविंग के 84 मामलें और नशे में ड्राईविंग के 7 मामले सामने आए हैं। राज्य स्तर पर 1651 सड़क दुर्घटनाओं में 757 मौत ओर 2597 घायल हुए है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए वाहन चालकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि रैश ड्राइविंग और ओवर स्पीड पर वाहन न चलाएं। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन सख्ती से करें। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकाॅल ज्ञान सागर नेगी, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम शिमला भुवन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह, एसडीएम कोटखाई डॉ मनु वर्मा, एसडीएम कुमारसैन मुकेश कुमार, एसडीएम ठियोग डॉ मेजर शशांक गुप्ता, एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, जिला परिवहन अधिकारी मोहन शर्मा, स्वास्थ्य विभाग से डॉ ईशा गुप्ता, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी राजेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
📍 Location: शिमला (शिमला)

