शिमला: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एसआईआर जैसी संवैधानिक प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर देश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के बयान देशद्रोह से कम नहीं हैं। उन्होंने ऐसे बयानों की कानूनी जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।
राकेश शर्मा ने धर्मशाला से जारी प्रेस बयान में कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में इससे पहले भी विभिन्न वर्षों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है। वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी इस प्रकार की प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं। इनमें से अनेक अवसरों पर केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के शासनकाल में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण स्वीकार्य था, तो आज उसी प्रक्रिया का विरोध किस आधार पर किया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम, दोहरी प्रविष्टियां, स्थानांतरित मतदाताओं के पुराने विवरण तथा अन्य त्रुटियों का नियमानुसार परीक्षण और सुधार किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में बना रहना चाहिए और किसी भी अपात्र प्रविष्टि का नियमों के अनुसार परीक्षण होना चाहिए।
राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची की शुद्धता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यदि एसआईआर की किसी प्रक्रिया या निर्णय पर आपत्ति है तो उन्हें तथ्यों, दस्तावेजों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। बिना प्रमाण चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठाना लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को प्रभावित करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग के निर्णयों को राजनीतिक चश्मे से देख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर से जुड़े निर्णय चुनाव आयोग की संस्थागत प्रक्रिया के अंतर्गत लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके निर्णयों की समीक्षा एवं आलोचना भी तथ्यों तथा संवैधानिक मर्यादाओं के अंतर्गत होनी चाहिए।
राकेश शर्मा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस यह चाहती है कि मतदाता सूचियों में संभावित त्रुटियों का सुधार ही न किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता, पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का प्रश्न है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूचियों के नियमानुसार शुद्धीकरण का विरोध क्यों कर रही है और उसकी आपत्तियों का तथ्यात्मक आधार क्या है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति और संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों पर सवाल उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य प्रस्तुत करना भी आवश्यक है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि वह मतदाताओं के बीच भ्रम फैलाने के बजाय चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने में सकारात्मक भूमिका निभाए।
राकेश शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निष्पक्ष चुनाव, शुद्ध मतदाता सूची और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के संबंध में किसी भी पात्र मतदाता की वास्तविक शिकायत का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत होना चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को चुनाव आयोग के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। यदि आरोप निराधार हैं तो उन्हें देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए माफी मांगनी चाहिए।
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