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हिंदी विभाग में अभिमुखीकरण कार्यक्रम के तृतीय एवं चतुर्थ दिवस का सफल आयोजन

शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक-सप्ताह के अभिमुखीकरण कार्यक्रम के तृतीय एवं चतुर्थ दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. सुनीता ठाकुर, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डॉ. नैन सिंह ने “भारत में उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्य : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की परिवर्तनकारी भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, बहुविषयक शिक्षा, भारतीय ज्ञान-परंपरा, डिजिटल कौशल तथा शिक्षक-विद्यार्थी संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने तक्षशिला, नालंदा, कोठारी आयोग, नवोदय एवं केंद्रीय विद्यालयों की शैक्षिक भूमिका का भी उल्लेख किया।

द्वितीय सत्र में डॉ. नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर हिंदी पाठ्यक्रम, क्रेडिट प्रणाली, आंतरिक मूल्यांकन, उपस्थिति तथा मूल, ऐच्छिक एवं जेनेरिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावी अध्ययन की रणनीतियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी विषय की उपयोगिता पर भी मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

तृतीय सत्र “जीवन में गीत, संगीत एवं साहित्य का महत्व” विषय पर आयोजित हुआ, जिसमें डॉ. मदन झालटा मुख्य वक्ता तथा डॉ. सुनीता ठाकुर समन्वयक रहीं। डॉ. मदन झालटा ने हिमाचली संस्कृति, लोकपरंपराओं एवं नैतिक मूल्यों पर विचार व्यक्त करते हुए स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत कीं। इसके पश्चात सेमी-क्लासिकल, सिरमौरी, चंबयाली एवं पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियाँ दी गईं। मोहन ठाकुर, डॉ. सुनीता ठाकुर तथा विभागाध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह ने भी विभिन्न हिमाचली लोकगीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध ग़ज़ल “हंगामा क्यों” की प्रस्तुति के साथ हुआ। अंत में डॉ. नरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

📍 Location: शिमला। (शिमला)

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