Sudhir Sharma Slams Congress Over Shimla Protest : शिमला। कसुम्पटी स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शुक्रवार को कांग्रेस ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किया था, जिसमें कार्यालय की दीवारों पर ‘वोट चोर’ लिखा गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना अथवा हिंसा या आग की धमकी देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का आचरण ऐसा हो गया है कि उसे अपने राजनीतिक विरोध और कानून के बीच की सीमा का भी ध्यान नहीं रहा। शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया तथा सरकारी कार्यालय में आग लगाने तक की धमकी दी।
उन्होंने कहा कि इन आरोपों की वीडियो फुटेज, CCTV रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि अपराध के तत्व मिलते हैं तो कानून के अनुसार FIR दर्ज की जानी चाहिए। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों से यह पुष्ट होता है कि शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कसुम्पटी स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार निर्वाचन विभाग कार्यालय की दीवारों पर जगह-जगह ‘वोट चोर’ लिखा गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका।
पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई, सरकारी वाहन को क्षति और कार्यालय में आग लगाने की धमकी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हुई है; शर्मा ने इनकी जांच की मांग की। सुधीर शर्मा ने कहा, “कांग्रेस पार्टी अब अपने आचरण से ‘गुंडा पार्टी ऑफ इंडिया’ बनने की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। सवाल यह है कि यदि किसी भाजपा कार्यकर्ता पर आरोप लगता तो क्या प्रशासन इसी तरह मौन रहता? कानून का इस्तेमाल राजनीतिक पहचान देखकर नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि हाल ही में हमीरपुर सदर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ एक कांग्रेस पदाधिकारी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। ऐसे में कसुम्पटी की घटना में भी उपलब्ध वीडियो, CCTV, सरकारी संपत्ति के नुकसान और अन्य आरोपों की उसी कसौटी पर जांच होनी चाहिए। सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ दल है और इसलिए उसकी जिम्मेदारी और अधिक है। “सत्ता किसी राजनीतिक दल को कानून से ऊपर नहीं रखती। यदि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है तो उसकी क्षति का आकलन किया जाए, जिम्मेदारी तय हो और कानून के तहत कार्रवाई की जाए।”

